Wheat Cultivation: बुवाई में हो गई देरी तो खेतों में लगा दे गेहूं की ये किस्म, मुनाफा इतना होगा कि गिनती भूल जाएंगे

Wheat Cultivation: धान की कटाई पूरी हो चुकी है और अधिकतर लोगों ने अपने खेतों में रवि फसले भी लगा ली है। लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं जिनके खेतों में अभी तक गेहूं की फसल नहीं लगाई गई। ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज हम आपको कुछ ऐसी किस्म के बीजों के बारे में बताएंगे जिसे आप अपने खेतों में लगाकर काम समय में अच्छा उत्पादन कर सकते हैं। तो आईए जानते हैं इन बीजों के बारे में विस्तार से…
देर से कर रहे हैं बुवाई तो खेतों में लगाएं इस किस्म के बीज ( Wheat Cultivation )
डीबीडब्ल्यू 187, डीबीडब्ल्यू 222, एचडी 3406, पीबीडब्ल्यू 826, पीबीडब्ल्यू 3226, एचडी 3086 डब्ल्यूएच 1105 सिंचित, समय पर बोया गया (20 नवंबर तक)
डीबीडब्ल्यू 187, पीबीडब्ल्यू 826, एचडी 3411, डीबीडब्ल्यू 222, एचडी 3086, के 1006 एनईपीजेडः पूर्वी यूपी, बिहार, बंगाल, झारखंड
डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 187, एचआई 1636, एमएसीएस 6768, जीडब्ल्यू 366 सीजेंड: एमपी, गुजरात, राजस्थान
डीबीडब्ल्यू 168, एमएसीएस 6478, यूएएस 304, एमएसीएस 6222 पीजेडः महाराष्ट्र, कर्नाटक
देर से बोई जाने वाली किस्में
261, पीबीडब्ल्यू 752
एचडी 3407, एचआई 1634, सीजी 1029, एमपी 3336 सीजेडः एमपी, गुजरात, राजस्थान
बहुत देर से बोई जाने वाली किस्में
एचडी 3271, एचआई 1621, डब्ल्यूआर 544 सिंचाई बहुत देर से बुवाई (25 दिसंबर से आगे)
बुआई का समय, बीज दर और उर्वरक प्रयोगः भारत में गेहूं की फसल विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों और उत्पादन स्थितियों में उगाई जाती है। बुआई के समय में क्षेत्र दर क्षेत्र और अलग-अलग उत्पादन परिस्थितियों में थोड़ा अंतर होता है।
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