Betul Veterinarian News: बैतूल जिले में 7.50 लाख दुधारू पशुओं की की संख्या, अस्पतालों में नहीं है पशु चिकित्सक, पशुपालक परेशान
Betul Veterinarian News: There are 7.50 lakh milch animals in Betul district, there are no veterinarians in hospitals, cattle owners are upset

Betul Veterinarian News: बैतूल जिले में पशुओं को बेहतर उपचार मिल सकें, इसलिए जिले में कई पशु चिकित्सालय खोले गए, लेकिन पशु चिकित्सालयों में डॉक्टरों की कमी बनी हुई हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण कई बार किसानों को भी पशुओं के उपचार को लेकर परेशान होना पड़ता है। डॉक्टरों की कमी के साथ-साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी कमी बनी हुई है। जिन पशु चिकित्सालयों में डॉक्टर नहीं है, उन पशु चिकित्सालयों का अन्य पशु चिकित्सकों को चार्ज संभालना पड़ रहा है। ऐसे में डॉक्टरों को आने-जाने में भी दिक्कतें हो रही है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बैतूल जिलेभर में कुल 27 पशु चिकित्सालय संचालित है, जिसमें से आधा दर्जन से अधिक पशु चिकित्सालयों में डॉक्टर ही नहीं है। एक डॉक्टर के भरोसे दो-दो अस्पताल संचालित हो रहे है। ऐसे में पशुओं का उपचार करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। सरकार पशु चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं कर रही है। जानकारी के मुताबिक लंबे समय से बैतूल को पशु चिकित्सक नहीं मिले है। वैक्सीनेशन सहित उपचार अभियान के समय सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इन पशु चिकित्सालयों में नहीं है पशु चिकित्सक
बैतूल पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक जिले मे ंसंचालित ऐसे है कई पशु चिकित्सालय है, जहां पशु चिकित्सक नहीं है। केवल कर्मचारियों के भरोसे चिकित्सालय संचालित हो रह है। भीमपुर, रतनपुर, आमला, खेड़ली बाजार, बोरदेही, मासोद सहित अन्य पशु चिकित्सालयों में डॉक्टर नहीं है। इन सभी अस्पतालों की जिम्मेदारी अन्य डॉक्टरों को दी गई है। जिन डॉक्टरों के पास दोहरी जिम्मेदारियां है उन्हें सबसे ज्यादा परेशान होना पड़ता है। पिछले कई वर्षों से पशु चिकित्सकों की डिमांड है, लेकिन नियुक्तियां नहीं हो रही है। जब भी बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन होता है, तो पशु चिकित्सकों को गौसेवकों का सहारा लेना पड़ता है। डॉक्टरों के अलाावा पशु चिकित्सालयों में लगभग 40 प्रतिशत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी बनी हुई है।
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— जिले में 7.50 लाख है गाय-भैंस की संख्या
पशु चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में गाय और भैंसों की संख्या लगभग 7.50 लाख है। इसके अलावा बैल सहित अन्य पशु भी शामिल है। इतनी बड़ी तादात में पशुओं की संख्या होने के बाद जिले में पर्याप्त पशु चिकित्सक नहीं है। जब भी कोई पशु बीमार हो जाता है तो पशु पालकों को परेशान होना पड़ता है। कई बार पशु पालक पशु चिकित्सालयों के चक्कर काटते है। पशु चिकित्सकों के अभाव में खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है। समय पर उपचार ना मिलने के कारण कई बार पशुओं की मौत भी हो जाती है। हालांकि पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब से पशु चिकित्सकों के लिए एंबुलेंस की शुरुआत हुई है, तब से चिकित्सा के क्षेत्र में थोड़ी राहत जरूर मिली हैं।
इनका कहना..
जिले में कुल 27 पशु चिकित्सालय है, जिसमें से कई पशु चिकित्सालयों में डॉक्टर नहीं होने के कारण अन्य डॉक्टरों को जिम्मेदारी दी गई है। कई वर्षों से पशु चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
विजय पाटिल, उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग बैतूल



