MP News: कालाबाजारी रोकने के लिए एमपी सरकार ने उठाया बड़ा कदम, तय किया गेहूं का स्टॉक लिमिट, नियम तोड़ने पर होगी जेल 

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MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए और जमाखोरी को रोकने के लिए किसानों के पक्ष में बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार के फैसले के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी गेहूं पर स्टॉक लिमिट लगाया है और यह आदेश 9 सितंबर को लागू कर दिया गया है।

31 मार्च तक लागू रहेगा गेहूं का स्टॉक लिमिट नियम (MP News)

आने वाले 31 मार्च 2025 तक यह प्रभावी रहेगा। सरकार के द्वारा बनाए गए नए नियम के अनुसार अब मध्य प्रदेश के थोक व्यापारी अधिकतम 3000 टन और खुदरा विक्रेता 10000 टन गेहूं का भंडारण कर सकते हैं। ज्यादा गेहूं रखने पर जेल हो सकती है। आपको बता दे कि राज्य में जमाखोरी की वजह से लगातार गेहूं के रेट में बढ़ोतरी हो रही थी जिसके बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

राज्य में गेहूं का भाव पहुंचा MSP से भी ऊपर

राज्य की मंडियो में गेहूं की कीमत बढ़ती जा रही थी और वर्तमान समय में यह 2700 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास पहुंच गई है। केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित मूल्य से भी ज्यादा इसकी कीमत है जिसकी वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। व्यापारी गेहूं बेचकर अधिक मुनाफा कमा रहे थे लेकिन दूसरी तरफ खरीदारों को घटा हो रहा था यही वजह है कि सरकार ने स्टॉक लिमिट तय किया है।

जानिए इससे गेहूं के भाव पर क्या होगा असर

मध्य प्रदेश में गेहूं के दामों में पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी।एक FPO अधिकारी ने कहा कि सामान्य किस्म के गेहूं की कीमत 27000 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास पहुंच गई है जबकि उच्च गुणवत्ता वाले शरबती गेहूं के दाम ₹3500 क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ रही थी जिसके बाद सरकार ने स्टॉक लिमिट तय किया। सरकार की फैसले के बाद गेहूं की लगातार बढ़ते किमतो से लोगों को राहत मिलेगी।

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