Betul bjp political news: मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना से युवा बनेंगे आत्मनिर्भर: बबला शुक्ला
Betul bjp political news:: Youth will become self-reliant through Chief Minister's Learn Earn Scheme: Babla Shukla
Betul bjp political news: बैतूल प्रदेश की भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना की शुरूआत की है। इस योजना से युवा आत्मनिर्भर बनेंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए योजना की शुरूआत कर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वरोजगार मेले के माध्यम से स्वरोजगार उपलब्ध कराने की बात हो चाहे युवा नीति के माध्मय से युवाओं के कल्याण की बात हो। हर संभव प्रयास सरकार ने युवाओं के हित में ध्यान रखते हुए किए है। यह बातें भाजपा जिलाध्यक्ष बबला शुक्ला ने पत्रकारवार्ता में कही। सोमवार दोपहर को जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकारवार्ता आयोजित की जिसमें भाजयुमो के जिलाध्यक्ष भास्कर मगरदे, भाजयुमो के जिला महामंत्री संतोष टेकाम भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सूर्यदीप त्रिवेदी, युवा मोर्चा के मीडिया प्रभारी प्रमेश राजपूत प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष श्री शुक्ला ने कहा कि यह योजना लर्न एंड अर्न शैली पर आधारित है और इससे प्रदेश के युवाओं को अपने कौशल में दक्ष होने का अवसर प्राप्त होगा। पढ़ाई समाप्त होते ही युवाओं के पास कौशल को निखारने का और साथ ही पैसे कमाने का अवसर होगा। यह क्रांतिकारी योजना युवाओं को वैशाखी पर चलना नहीं अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाएंगी।
युवाओं को पंगू नहीं आत्मनिर्भर बनाना चाहते: भास्कर
भाजयुमो के जिलाध्यक्ष भास्कर मगरदे ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्म निर्भर बनाना है। कांग्रेस सरकार ने बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने की बात कही थी, लेकिन भत्ता भी नहीं दिया। भाजपा सरकार द्वारा युवाओं को पंगू ने बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कवायद की जा रही है। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना की पात्रता 18 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए होगी। उनकी शैक्षणिक योग्यता 12 वीं, आईटीआई या उससे उच्च होना चाहिए। प्रशिक्षाणार्थियों को मासिक रूप से 8 से 10 हजार रूपए स्टाईपेंड के रूप में देने का प्रावधान है, जिसका विभाजन किया गया है, जिसमें 12 वीं उत्तीर्ण छात्रों को 8 हजार, आईटीआई उत्तीर्ण को 8 हजार 500 और डिप्लोमा उत्तीर्ण को 9 हजार रूपए एवं स्नातक उत्तीर्ण एवं उच्च शिक्षा योग्यता को 10 हजार रूपए स्टाईपेंड प्राप्त होगी। श्री भास्कर ने कहा कि इस योजना से अधिक से अधिक युवाओं को जोडऩा चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर हो सके। इस योजना से प्रतिवर्ष 1 लाख युवाओं को रोजगार से जोडऩे का लक्ष्य सरकार ने रखा है और यह योजना आत्मनिर्भर मप्र के सपने को साकार करने की ओर एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा।



