धूमधाम के साथ हुई तोता-मैना की शादी: बारात निकाली और विदाई की रस्म भी हुई
MP के नरसिंहपुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर ग्राम पिपरिया रांकई में दो पड़ोसियों ने अपने तोता और मैना की शादी धूमधाम से कराई। इस अनूठी शादी में विवाह की सभी रस्में निभाई गई। लड़के-लड़की दिखाई, लगन, बारात, पंगत कराई। इसके बाद ताेता-मैना के विवाह की रस्में कराकर फेरे भी कराए गए। पिपरिया रांकई के अलावा आसपास के गांव के लोग इस विवाह को देखने के लिए पहुंचे। करीब 250 लोगों को भोजन भी कराया गया।
एक-दूसरे को देखकर चहकते थे दोनों
पिपरिया निवासी गोविंद विश्वकर्मा के घर में मिंटू और चिंटू के नाम के दो तोते हैं। उनके पड़ोस में रहने वाले रामस्वरूप परिहार के घर में रिंकी और पिंकी नाम की दो मैना हैं। गोविंद के परिवार के सदस्य अकसर अपने ताेतों को पिंजरे में लेकर रामस्वरूप के घर जाते थे। यहां पहुंचते ही तोता और मैना एक-दूसरे को देखकर चहकने लगते थे। दाे चार दिन तक तोते उनके घर नहीं जाएं तो मैना के व्यवहार में भी बदलाव आ जाता था। वह तेज चहचहाने लगती थी।
मैना पिंकी के साथ रहेगा तोता चिंटू
रामस्वरूप परिहार के परिवार की वरिष्ठ सदस्य मुन्नीबाई ने जब इनके व्यवहार को देखा तो उन्होंने दोनों की शादी करने का प्रस्ताव रखा। पहले तो घर के लोगों ने इसे हल्के में लिया, लेकिन मुन्नी बाई की जिद को देखते हुए उन्होंने मैना रिंकी की शादी तोते मिंटू से कराने का प्रस्ताव रखा। इसे गोविंद विश्वकर्मा के परिवार वालों ने सहर्ष स्वीकार किया। यह भी तय हुआ कि तोता चिंटू को भी मैना पिंकी के लिए देना होगा। इस अनूठे विवाह बंधन के बाद गुरुवार को रिंकी की विदाई की रस्म पूरी की गई।
लगुन में दिए पांच हजार एक रुपए, कपड़े व मिठाई
गोविंद विश्वकर्मा के बेटे लकी ने बताया कि तीन फरवरी को तोते मिंटू की लगुन मैना रिंकी के यहां से आई थी। जैसा कि आमतौर पर लग्न कार्यक्रम में स्वागत-सत्कार होता है, उसी तरह यह लग्न भी हुई। इसमें पांच हजार एक रुपए के साथ ही माता-पिता को कपड़े, फल, मिठाई आदि सामग्री थी। पांच फरवरी को धूमधाम तोता मिंंटू की बारात निकाली गई और मैना वाले परिवार ने बारात का स्वागत कर विवाह की सभी रस्में की। गुरुवार को मैना की ससुराल से विदाई हुई। विवाह के पूर्व जो निर्णय हुआ था उसके अनुसार तोता चिंटू को परिहार परिवार की मैना पिंकी के लिए सौंपा दिया।

(News source- dainik bhaskar)



