Betul Crime News : बैतूल में पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह, कलयुगी बेटे ने मां का गला दबाकर की हत्या
Betul Crime News: Family dispute became the reason for murder in Betul, Kaliyuga son strangled his mother to death.
Betul Crime News : बैतूल जिले के साईंखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सेमझिरा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पारिवारिक विवाद के चलते एक बेटे ने अपनी ही मां की गला दबाकर हत्या कर दी। मामले में साईंखेड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं एसडीओपी बैतूल के मार्गदर्शन में साईंखेड़ा थाना पुलिस ने इस हत्या के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
संदिग्ध मौत की जांच में सामने आया हत्या का मामला
पुलिस के अनुसार मर्ग क्रमांक 10/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत एक महिला की संदिग्ध मृत्यु की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान रूपसिंह सिसोदिया, सुहागाबाई सिसोदिया, उमाबाई सिसोदिया, उर्मिला सिसोदिया और संगीताबाई अतुलकर के बयान लिए गए।
जांच में सामने आया कि मृतका गेंदीबाई बाघमारे अपने बेटे लखन बाघमारे (48) निवासी ग्राम सेमझिरा के साथ रहती थी। आरोपी का स्वभाव विवादित था और वह अक्सर घर में झगड़ा करता था।
विवाद के बाद गला दबाकर हत्या
पुलिस जांच में पता चला कि 2 मार्च 2026 की रात भी आरोपी का अपनी मां से विवाद हुआ था। पड़ोसियों ने भी झगड़े की आवाजें सुनी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मौत का कारण गला दबाने से कंठिका अस्थि (Hyoid Bone) में फ्रैक्चर होना बताया, जिससे स्पष्ट हुआ कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई है।
आरोपी गिरफ्तार
मर्ग जांच, देहाती मर्ग नालसी, शव पंचनामा, पीएम रिपोर्ट और साक्षियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी लखन बाघमारे के खिलाफ अपराध क्रमांक 30/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक राजन उईके, उप निरीक्षक पूनम चंद साहू, प्रधान आरक्षक रामानंद धुर्वे, राजकुमार, दिलीप झड़बड़े, देवेंद्र ठाकुर, आरक्षक विकास जैन, विनोद साहू, अमित टीकम, संतराम, बबलू धुर्वे, प्रधान आरक्षक चालक रविंद्र नागले तथा सैनिक मुंशीलाल सिरसम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



