Betul News : स्वच्छता सर्वेक्षण : मार्च में आएगी टीम इस बार कागजी दावे नहीं, मैदानी हकीकत देखेंगी टीम, 33 वार्डो में 190 सफाईकर्मी के हाथों सफाई जा जुम्मा
Betul News: Cleanliness Survey: Team will come in March, this time the team will see the ground reality, not paper claims, cleaning will be done by 190 sanitation workers in 33 wards.
Betul News : बैतूल स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर पालिका ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सर्वेक्षण में कभी प्रदेश में अच्छे अंक प्राप्त करने वाली नगर पालिका सफाई के मामले में कुछ वर्षों से फीडबैक ठीक नहीं है। सर्वेक्षण में लगातार नगर पालिका कमजोर प्रदर्शन कर रही है। आगामी मार्च में आने वाली स्वच्छता सर्वेक्षण टीम को लेकर अभी नगर पालिका ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार नपा को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इस बार कागजी दावे नहीं चलेंगे। टीम मैदानी हकीकत देखकर निर्णय लेगी। इस वर्ष का सर्वेक्षण साढ़े 12 हजार अंकों का होगा। इसमें 2000 अंक सर्टिफिकेशन के होंगे और 10500 अंक फील्ड असेसमेंट के होंगे। उल्लेखनीय है कि नगर पालिका ने पिछले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में कुछ कमाल नहीं दिखाया। राष्ट्रीय स्तर पर नगर पालिका स्वच्छता सर्वेक्षण में 67वें स्थान पर रही और राज्य स्तर पर 80वां स्थान प्राप्त किया था। स्वच्छता को लेकर अधिकारी अच्छे दावे तो करते रहे, लेकिन सर्वेक्षण की रिपोर्ट ने सारे दावों पर पानी फेर दिया था। इस बार फिर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। अधिकारियों का दावा है कि सर्वेक्षण को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
190 सफाई कर्मचारियों के भरोसे 33 वार्ड
बैतूल नगर पालिका क्षेत्र में कुल 33 वार्ड हैं। इन सभी वार्डों में साफ-सफाई व्यवस्था रखना बेहद जरूरी है। सफाई व्यवस्था होने पर ही अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। 33 वार्डों में सफाई के लिए सुपरवाइजर सहित कुल 190 सफाई कर्मचारी हैं। हमेशा नगर पालिका को सफाई कर्मचारियों की कमी खली है। कम सफाई कर्मचारी होने से कई बार सफाई कार्य समय पर नहीं हो पाता। इससे भी नगर पालिका की रैंक गिरी है। साफ-सफाई को लेकर शिकायतें आती रहती हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण समय पर सफाई कार्य नहीं होता।
शहरवासियों का फीडबैक होगा अहम
स्वच्छता सर्वेक्षण में शहरवासियों का फीडबैक भी अहम होगा। स्वच्छता सर्वेक्षण टीम द्वारा वार्डों में घूमकर वार्डवासियों से स्वच्छता सर्वेक्षण की जानकारी ली जाएगी। वार्डों में समय-समय पर सफाई होती है या नहीं, नालियों की क्या स्थिति है, कचरा गाड़ियां समय पर पहुंचती हैं या नहीं, वार्डों में गंदगी तो नहीं है—सभी बिंदुओं पर फीडबैक लिया जाएगा। शहरवासियों का फीडबैक सही नहीं मिला तो रैंक गिर सकती है।
शहर में बजबजाती नालियां बनी चुनौती
स्वच्छता सर्वेक्षण में बजबजाती नालियां चुनौती बनी हुई हैं। नालियां चोक होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती। वार्डवासी परेशान हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद सफाई कार्य नहीं हो पाता। कुछ वार्डों में नालियों का निर्माण नहीं होने से सड़कों पर पानी बहता रहता है। कई जगह वार्डों में कूड़े के ढेर लगे होने से गंदगी का आलम बना हुआ है। ट्रेचिंग ग्राउंड को लेकर भी लोगों में आक्रोश है। ट्रेचिंग ग्राउंड भी इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छे अंक प्राप्त करने में रोड़ा बन सकता है।
बॉक्स : किस पर कितने अंक
दृश्य स्वच्छता पर 1500, कचरा पृथक्करण, संग्रहण व परिवहन पर 1000, ठोस कचरा प्रसंस्करण पर 1500, स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच पर 1000, प्रयुक्त जल प्रबंधन पर 1000, डीस्लजिंग सेवाओं के मशीनीकरण पर 500, स्वच्छता जागरूकता (एडवोकेसी) पर 1500, संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर 1000, स्वच्छता कर्मियों के कल्याण पर 500, नागरिक फीडबैक व शिकायत निवारण पर 1000 अंक निर्धारित किए हैं। इन अंकों के आधार पर सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा।



