Betul News : वर्षों की उपेक्षा का शिकार मुलताई–बीरूल पिसाटा मार्ग, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कुंभकरणीय निद्रा में सोए हैं अधिकारी
Betul News: The Multai-Birul Pisata road has been neglected for years, villagers are furious, officials are sleeping in a Kumbhakaran-like sleep.
Betul News : मुलताई से बीरूल पिसाटा मार्ग पिछले कई वर्षों से प्रशासनिक लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बना हुआ है। सड़क का निर्माण आज तक अधूरा पड़ा है, जिसका खामियाज़ा लगभग 20 से 25 ग्रामों के ग्रामीण रोज़ाना भुगत रहे हैं। कच्ची और जर्जर सड़क के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठा है।बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कीचड़ में तब्दील सड़क पर कई-कई घंटे तक जाम लग जाता है। सोनोरा आरोग्य केंद्र इस मार्ग पर स्थित होने के बावजूद बीमार और बुजुर्ग मरीज इलाज के लिए जाते समय गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जो व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
छात्रों की पढ़ाई पर भी संकट
ग्राम सोनोरा में हायर सेकेंडरी स्कूल होने के कारण बीरूल, पिसाटा, करजगांव, खड़ामला, पारेगांव, सिंदूरजना, दालोरा, मोहरखेड़ा, देहगुड सहित कई गांवों के छात्र-छात्राएं रोज़ इसी मार्ग से स्कूल आते हैं।
गर्मी में धूल और बारिश में कीचड़ से बच्चे परेशान हैं, कपड़े खराब हो रहे हैं और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कई बार P.W.D कार्यालय में लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
सड़क खोदकर छोड़ दी, जल जीवन मिशन भी अधूरा
ग्रामीणों ने एक और गंभीर शिकायत उठाई है। ग्राम पिसाटा, देहगुड और करजगांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल निगम द्वारा पेयजल टंकी और पाइपलाइन का काम 2024 में शुरू किया गया था, जो आज तक अधूरा है।
सड़कों को पाइपलाइन के लिए खोद दिया गया, लेकिन न तो मरम्मत हुई और न ही घरों तक नल कनेक्शन दिए गए।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मुलताई–बीरूल मार्ग का निरीक्षण कर सड़क निर्माण की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्य शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



