MP Weather Alert : फिर सक्रिय हुआ मानसून, एमपी के इन जिलों में होगी झमाझम बारिश
MP Weather Alert: Monsoon becomes active again, there will be heavy rain in these districts of MP
MP Weather Alert : चक्रवर्ती संरचना बनने के कारण मध्य प्रदेश में फिर बारिश का दौर शुरू होने वाला है। प्रदेश के कई जिलों में गरज- चमक के साथ बारिश होगी। नीमच,गुना, घोड़ाडोंगरी में बारिश दर्ज की है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश नहीं होने के कारण सूखे जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। लोग झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं। आज से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके सक्रिय होते ही झमाझम बारिश शुरू हो जाएगी। इन जिलों में बारिश की संभावना
सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, भोपाल, विदिशा, रायसेन, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, देवास, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाडी, मेहर जिलों बारिश की संभावना बनी है।
14 दिन बाद बरसी रिमझिम फुहारें, मौसम में घुली ठंडक
बैतूल जिले में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बुधवार को रिमझिम बारिश ने दस्तक दी। करीब 14 दिन बाद हुई इस बारिश से लोगों ने गर्मी और उमस से कुछ राहत की सांस ली। जिला मुख्यालय पर एक घंटे से अधिक समय तक हल्की बारिश का सिलसिला चलता रहा, जिससे मौसम में हल्की ठंडक घुल गई। बारिश की यह बौछारें भले ही भारी न रही हों, लेकिन लंबे सूखे के बाद यह राहतभरी जरूर रहीं। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन नमी और उमस अब भी बनी हुई है।
घोड़ाडोंगरी में आधा कोटा पूरा
जिले के घोड़ाडोंगरी ब्लॉक में अब तक औसत बारिश का लगभग 50 प्रतिशत कोटा पूरा हो चुका है। औसत बारिश के लिए 1083.9 मिमी बारिश होना चाहिए। घोड़ाडोंगरी में 684.0 बारिश हो चुकी है। अन्य ब्लॉकों में अभी बारिश का आधा कोटा भी पूरा नहीं हो सका। सबसे कम बारिश बैतूल, भैंसदेही, आठनेर ब्लॉक में हुई है। इन ब्लॉकों में पर्याप्त वर्षा नहीं हो पाई है, जिससे किसानों और आम नागरिकों की चिंता बरकरार है। जिले में अभी तक कुल औसत बारिश 380.2 मीटर हो पाई है। जिले में वर्षा की कमी के चलते अधिकांश जलाशयों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। झीलें और तालाबों में पर्याप्त पानी नहीं आया है। जिससे पीने और सिंचाई के पानी को लेकर संकट गहराता जा रहा है। जलाशयों में पानी नहीं आने से किसान भी बेहत चिंतित है। लोगों को अब भी झमाझम बारिश का इंतजार है ताकि फसलें लहलहा सकें और जल स्रोतों में पर्याप्त पानी भर सके। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है।


