Betul Today News: अटाटूट भरे अटल सभागार में हुआ संपन्न प्रवीण दाताराम की पुस्तक का विमोचन, केंद्रीय राज्य मंत्री हुए शामिल
Betul Today News: Praveen Dataram's book release took place in a packed Atal auditorium, Union Minister of State attended the event
Betul Today News: बैतूल में शुक्रवार को बैतूल के जयवंती महाविद्यालय स्थित अटल सभागार में प्रवीण दाताराम की आठवीं पुस्तक “जय-जय जयतु अहिल्या बाई” का विमोचन एक भव्य व विशाल आयोजन में संपन्न हुआ। इस भव्य समारोह में जिले के प्रत्येक भाग से आए हुए लगभग एक हज़ार श्रोताओं ने आये हुए वरिष्ठ, विद्वान व सारस्वत अतिथियों के उद्बोधनों को बड़े ध्यान से सुना। आश्चर्य की बात यह रही कि अपरिहार्य कारणों से लगभग एक घंटे विलंब से होने के पश्चात भी इतना बड़ा जनसमूह शांत भाव से अंत तक कार्यक्रम में मंत्रमुग्ध होकर बैठा रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निखिलेश माहेश्वरी एवं प्रवीण दाताराम ने पुण्यश्लोक अहिल्या बाई की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्रीधर पराड़कर जिनमें अपने आशीर्वचन दिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक अशोक पांडे ने अहिल्या बाई से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं का और उनके राष्ट्रीय महत्व का उल्लेख किया। संत उत्तमस्वामी जी ने अहिल्या बाई पर पुस्तक लेखन हेतु प्रवीण जी का अभिनंदन किया और उनकी अन्य पुस्तकों के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।

केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके ने अत्यंत विद्वतापूर्ण भाषण देते हुए अहिल्या बाई का स्मरण किया व प्रवीण गुननानी की पुस्तक को सही समय का सही कार्य बताया।
कार्यक्रम के आयोजक भारतीय साहित्य परिषद्, अहिल्या बाई समिति, विश्व मांगल्य एवं प्रवीण दाताराम परिवार रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्य संत उत्तमस्वामी जी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक अशोक जी पांडे, श्रीधर जी पराड़कर (राष्ट्रीय संगठन मंत्री, अभासाप), केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके, श्री निखिलेश महेश्वरी (प्रांत संगठन मंत्री विद्याभारती), श्री तपन भौमिक पूर्व मंत्री मप्र शासन, विधायक गंगा ऊईके, विधायक योगेश पंडागरे, भारत भारती से अनिल अग्रवाल, किशोर वर्दे नपा अध्यक्ष सारणी, आदि उपस्थित रहे। अंत में आभार प्रदर्शन राजीव खंडेलवाल ने किया।
इस सफल कार्यक्रम हेतु प्रवीण दाताराम ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, अहिल्या बाई समिति, विश्व मांगल्य समिति, साहित्य परिषद् का आभार प्रकट किया है।




