Deepavali 2024: दीपावली पर्व धूम: मिट्टी के दीपों से रोशन हुए घर-आंगन, जमकर हुई आतिशबाजी
Deepavali 2024: Diwali festival celebration: Homes and courtyards illuminated with earthen lamps, heavy fireworks
Betul Deepavali 2024: बैतूल जिले भर में दीपावली पर्व की धूम है। धनतेरस, रूप चौदस के बाद गुरुवार को दीपावली का पर्व पूरे हर्षोल्लास एवं परम्परागत तरीके से मनाया जा रहा है। गुरुवार को सुबह से ही पूजन सामग्री खरीदने लोग बाजार में उमड़ेंगे। बाजार खील-बताशे, मोरपंख, झाड़ू सहित कमल एवं गेंदे के फूलों की दुकानों से बाजार में सज चुका है। दीपावली पर्व का उत्साह लोगों में इस बार काफी अलग है। गुरुवार को सुबह से ही दीपावली पर्व को लेकर घर-आंगन की सजाएं गए, आंगन लीपकर रंगोली बनाई जाएगी। शाम को घरों में दीप जलाकर भगवान श्री गणेश एवं मां लक्ष्मी का शुभ मुहर्त में विधि-विधान से पूजन किया गया। वैसे तो धनतेरस से ही पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरूआत हो गई है, लेकिन दीपावली पर पटाखे फोड़ने की ललक बच्चों को सुबह से उत्साहित करती थे। दीपावली को लेकर वाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म माध्यम से दीपावली की शुभकामनाएं देने का सिलसिला शुरु हो गया। दीपावली पर्व पर माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने घरों को बंधनवारों से सजाया जा रहा है।
मिट्टी के दीपक से रोशन हुए घर
दीपावली के दिन मिट्टी के दिए जलाने एवं मिट्टी से बनी मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। दीपावली के दिन घरों में मिट्टी की प्रतिमा लाई जाती है। वहीं ऐश्वर्य के प्रतीक मोरपंख एवं लक्ष्मी की प्रतीक झाडू का भी पूजन किया जाता है। इस दिन खील- बताशे, मिठाई का प्रसाद बांटा जाता है। ज्ञात हो कि पांच दिनों तक लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। बैतूल शहर सहित जिले के विभिन्न अंचलों में लक्ष्मी जी की प्रतिमाएं सामूहिक रुप से भी स्थापित कर पूजा अर्चना की जाती है।
आतिशबाजी से रंग-बिरंंगा हुआ आसमान
गुरुवार को कार्तिक अमावस्या की रात पूरी तरह आतिशबाजी और पटाखों से रंगबिरंगी हो जाएगी। इस दिन पूरे जिले में हजारों की संख्या में लोग आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। इससे पहले श्री गणेश एवं मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन कर भोग लगाया गया। इसके बाद आतिशबाजी, पटाखे फोड़ने का सिलसिला शाम से लेकर देर रात तक जारी रहा। हिन्दू धर्म के सबसे बड़े दीपावली पर्व को लेकर खासा उत्साह है। प्रदूषण को देखते हुए इस बार ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करने की अपील की है, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सकें।



