Betul Crime : भाभी ने ₹2000 देकर भाई से कराई देवर की हत्या, गला घोट कर जला दिया शव

Betul Crime : कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत भाभी ने अपने देवर की भाई से 2000 देकर हत्या करवा दी। आरोपियों ने गला घोटकर शव को जला दिया था और महाराष्ट्र चले गए थे। पुलिस ने घटना के 6 महीने बाद इस अंधेकत्ल का खुलासा किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वही हत्या की साजिश रचने वाली भाभी फरार बताई जा रही है।
कोतवाली पुलिस ने प्रेस वार्ता में बताया कि 27 अप्रैल को थाना क्षेत्र के मलियाढाना में श्यामा उइके के खेत में एक अध जला शव मिला था, जिसकी उम्र लगभग 30 वर्ष थी। पुलिस ने हत्या और हत्या के साक्ष्य मिटाने का प्रकरण दर्ज कर हत्यारे की तलाश शुरू कर दी थी।
परिवार ने मृतक को पहचानने से किया इनकार ( Betul Crime )
शव की शिनाख्त के लिए पुलिस जांच कर रही थी। जांच के दौरान झल्लार थाना क्षेत्र के ग्राम गाड़ागोहान से 25 अप्रैल को शंकर दहीकर के गायब होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस ने परिवार के लोगों से संपर्क किया और तस्वीर दिखाई। तब परिवार ने पहचान करने से इनकार कर दिया। इसके बाद डीएनए रिपोर्ट के आधार पर मृतक की पहचान हो पाई।
इस तरह हुआ हत्या का खुलासा

कोतवाली टीआई देवकरण डहेरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक शंकर दहीकर का उसकी भाभी मनीता के साथ विवाद होता था। मनीता ने अपने भाई संदीप दहीकर को शंकर की हत्या के लिए उकसाया। 25 अप्रैल को संदीप दहीकर जब निलेश चौहान के साथ गाड़ागोहान में एक शादी में आया तो उन्होंने शंकर को शराब पीने के लिए बुलाया। दोनों ने शंकर को साथ ले जाकर बेल्ट से गला घोट दिया। इसके बाद पेट्रोल डालकर शंकर के शव को जला दिया।
घटना के बाद दोनों आरोपी महाराष्ट्र भाग गए। पुलिस ने महाराष्ट्र जाकर दोनों आरोपी संदीप दहीकर 20 वर्ष एवं नीलेश चौहान 20 वर्ष दोनों निवासी निवासी बर्रा कास्या थाना झल्लार को 19 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जबकि इस मामले में मुख्य षड्यंत्रकारी मनीता दहीकर फरार है।
इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने में एसडीओपी शालिनी परस्ते के मार्गदर्शन और निरीक्षक देवकरण डेहरिया के नेतृत्व में टीम ने तत्परता से कार्य किया। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में उपनिरीक्षक राकेश सरेयाम, सहायक उपनिरीक्षक प्रवीण पचौरी, सहायक उपनिरीक्षक दिलीप टांडेकर, प्रधान आरक्षक ब्रिजेश रघुवंशी, दीपक कटियार, रोहित नवरेती, ओमकार, सोनी सूर्यवंशी, अभिषेक, मनोज इवने, उज्जवल, दुर्गेश वर्मा, महिला आरक्षक निर्मला, सायबर सेल और एफएसएल टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक बैतूल निश्चल झारिया ने टीम की इस सराहनीय कार्यवाही की प्रशंसा की है।
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