Betul Collector Action : नल जल योजना कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने तीन ठेकेदारों के अनुबंध तत्काल किए निरस्त
Betul Collector Action: The collector immediately cancelled the contracts of three contractors for negligence in the tap water scheme work
Betul Collector Action : कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने सोमवार को चिचोली विकासखंड के ग्राम कोडर, हर्रावाड़ी, सीताडोंगरी एवं चुनागोसाई में जल जीवन मिशन के तहत नल जल योजना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने तीन ठेकेदारों के अनुबंध तत्काल निरस्त किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर नल जल योजनाओं के कार्यों की जानकारी भी ली।
कलेक्टर सूर्यवंशी ने ग्राम कोडर तथा हर्रावाड़ी की नल जल योजनाओं की गुणवत्ता का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान मेसर्स देशमुख कृषि एजेंसी के द्वारा कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल अनुबंध को निरस्त किए जाने के निर्देश पीएचई के ईई को दिए गए। इसके बाद कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने ग्राम सीताडोंगरी पहुंचकर क्रियान्वित नल जल योजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री सूर्यवंशी ने ठेकेदार मेसर्स इंदरजीत सिंह गोरैया को 15 दिनों में कार्य पूर्ण कर पंचायत को हैंडओवर किए जाने के निर्देश दिए। ग्राम चुनागोसाई में नल जल योजना चालू पाई गई। कलेक्टर द्वारा ग्रामीणों को समय पर जलकर राशि जमा किए जाने की सलाह दी, ताकि योजना सतत चालू रहे। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने निरीक्षण के पश्चात पीएचई के ईई को निर्देशित किया कि जिले में स्वीकृत ग्रामों की नल योजनाओं के कार्य निर्धारित समय अंतराल में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराएं। गुणवत्ता विहीन और समय पर कार्य पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध टर्मिनेट करने की कार्रवाई भी की जाए।
11 ग्रामों के अनुबंध किए निरस्त
पीएचई के ईई ने बताया कि कलेक्टर श्री सूर्यवंशी के निर्देश पर मेसर्स शेखर हिरपुरकर अमरावती के भैंसदेही विकासखंड के पांच ग्राम, चिचोली विकासखंड में मेसर्स देशमुख कृषि एजेंसी के तीन ग्राम एवं आमला विकासखंड में मेसर्स पूनम कुमारी के तीन ग्राम, इस प्रकार 11 ग्रामों के अनुबंध निरस्त कर ठेकेदार की सुरक्षा निधि, ईएमडी अन्य समस्त राशि राजसात किए जाने की कार्रवाई की गई है। साथ ही पूर्व में 14 अनुबंध में 41 ग्रामों के ठेकेदार के अनुबंध निरस्त की कार्रवाई की जा चुकी है।


