बैतूल के बाद अब बड़वानी में सीने से जुड़ीं जुड़वां बच्चियों का जन्म: डॉक्टर और स्टाफ सभी हो गये हैरान

मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला अस्पताल में सोमवार रात हुई एक डिलीवरी ने डॉक्टर और स्टाफ सभी को हैरान कर दिया। यहां एक महिला ने ऐसी जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया जो आपस में जुड़ी हुई हैं। डिलीवरी करवाने वाले डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने अपने करियर में पहली बार ऐसा देखा। जिले का भी इस तरह का यह पहला केस है। बच्चियों को सांस लेने में दिक्कत आने पर इंदौर रेफर कर दिया गया। जुड़ाव बच्चियों को जन्म देने का पहली बार मामला 2011 में बैतूल जिले में सामने आया था।ग्राम चूड़ियां की महिला ने दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया था। 21 जून 2012 को पाढर अस्पताल में आस्ट्रेलिया और इंडिया के 15 डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर दोनों को अलग किया था। जिसमे से एक बच्ची की मौत हो गई थी। जुड़वा बच्चियों को जन्म देने का दूसरा मामला बड़वानी में सामने आया है।
जिला मुख्यालय से करीब 7 किमी दूर ग्राम रेहगुन निवासी महिला अनीता पति आशु ने सोमवार रात 12.09 बजे जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया। दंपती गुजरात में काम करते हैं। डिलीवरी के लिए वे अपने गांव आए हुए थे। रात में प्रसव पीड़ा होने पर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। मामला गंभीर होने पर बड़वानी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां पर डॉक्टर ने ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी करवाई।
बच्चियों का वजन 3.6 किलोग्राम
जिन जुड़वां बच्चियों का जन्म हुआ है वे सिर्फ छाती से आपस में जुड़ी हुई हैं, जबकि उनके हाथ-पैर और सिर अलग-अलग हैं। डॉक्टरों के अनुसार जन्म के समय दोनों जुड़वां बच्चियों का वजन 3 किलो 600 ग्राम था। डॉक्टरों के अनुसार बच्चियों को सांस लेने में दिक्कत आने के कारण इंदौर रेफर किया गया था। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना के अनुसार आपस में जुड़े बच्चों के जन्म का बड़वानी जिले का यह पहला मामला है।
पहली बार मां बनी है महिला
रेहगुन निवासी आशु और ससुस्तीखेड़ा निवासी अनीता का विवाह 2020 में हुआ था। दोनों ही अपनी पहली संतान के लिए स्वागत के लिए आतुर थे। हालांकि जुड़वां बेटियों के इस प्रकार से जुड़े होने से वे थोड़े परेशान हैं।
डॉक्टर पत्नी ने डिलीवरी कराई, डॉक्टर पति ने देखभाल की
महिला की डिलीवरी करवाने और SNCU में देखरेख के दौरान एक संयोग रहा। दरअसल, महिला की प्रसूति के समय रात में ड्यूटी पर महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा अवास्या थीं। डिलीवरी के बाद बच्चियों को SNCU में उनके पति डॉ. लक्ष्मण अवास्या की निगरानी में रखा गया।
जन्म के समय स्वस्थ थी बच्चियां
जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मण अवास्या ने बताया कि रात को महिला ने ऑपरेशन से जुड़वां शरीर के बच्चों को जन्म दिया। जिसके बाद दोनों बच्चों को स्टेबल कर SNCU में एडमिट कर आगे के उपचार के लिए इंदौर रेफर कर दिया गया। जुड़वां बच्चियां जन्म के समय ठीक थे।
ऑपरेशन से ही अलग हो सकती हैं दोनों
SNCU के डॉ. रूप सिंह भादले ने बताया कि यह काफी दुर्लभ मामलों में से एक है। जिसमें 2 बच्चे आपस में जुड़े हुए रहते हैं। इनके जिंदा रहने की उम्मीद कम रहती है। इनका शरीर आपस में जुड़ा हुआ रहता है। ऑपरेशन कर इनके जुड़े हुए शरीर को अलग किया जा सकता है।
news source:- dainik bhaskar



