Betul Congress : मनरेगा का नाम बदलने और मेडिकल कॉलेज को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय डागा ने भाजपा पर बोला हमला
Betul Congress: Congress District President Nilay Daga attacked BJP regarding changing the name of MNREGA and medical college.
Betul Congress : बैतूल जिला कांग्रेस कार्यालय में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा ने केंद्र की मोदी सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर रोजगार देना अनिवार्य था, लेकिन अब यह अधिकार समाप्त कर दिया गया है और काम सरकार की मर्जी पर निर्भर हो गया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा के तहत तय न्यूनतम मजदूरी की गारंटी भी खत्म कर दी है, जबकि पहले हर साल मजदूरी बढ़ती थी और साल भर काम मिलने से परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलती थी। केंद्र सरकार अब मनरेगा मजदूरी का केवल 60 प्रतिशत भुगतान करेगी, जबकि 40 प्रतिशत राशि राज्यों को वहन करनी होगी, जिससे राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और बजट की कमी बताकर काम बंद किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मनरेगा पिछले 20 वर्षों से देश के मजदूरों की जीवनरेखा रही है, जिसे कमजोर करना गरीबों के खिलाफ साजिश है। डागा ने मनरेगा को वीबीजी रामजी योजना में बदलने के फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर कोई गांधी जी के नाम और उनके विचारों को लोगों के मन से हटाने की सोच रहा है तो यह कभी संभव नहीं है।
उन्होंने सरकार पर मजदूर, किसान और आदिवासी विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए मनरेगा कानून बहाल करने और आदिवासियों, मजदूरों पर अत्याचार तुरंत रोकने की मांग की है।
– मनरेगा और केंद्र सरकार के नए मॉडल वीबी योजना में अंतर
मनरेगा 2005 के तहत पूरे वर्ष काम, 100 दिन की कानूनी गारंटी, स्थानीय मांग आधारित कार्य, सोशल ऑडिट, ठेकेदारी पर रोक, 15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और 90 प्रतिशत केंद्र व 10 प्रतिशत राज्य की हिस्सेदारी थी। जबकि नए मॉडल में 60 दिन का अनिवार्य अवकाश, बजट आधारित योजना, ग्रामसभा की कमजोर भूमिका, बायोमेट्रिक हाजरी, भुगतान में देरी और राज्य की आर्थिक क्षमता पर निर्भरता रहेगी। जो किसी भी तरीके से मजदूर हितैषी योजना नहीं है।
– पीपीपी मोड मेडिकल कॉलेज गरीबों के इलाज को मुनाफे के हवाले करने की साजिश
पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज बनाने को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए श्री डागा ने कहा कि यह व्यवस्था गरीबों के इलाज को मुनाफे के हवाले करने जैसी है, जबकि चुनाव के समय वादा सरकारी मेडिकल कॉलेज का किया गया था। लगभग 38 एकड़ शासकीय भूमि, विशाल जिला चिकित्सालय का भवन और पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर सरकार का होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में देने पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर निजी भागीदारी की जरूरत क्यों पड़ी।
– निजी अस्पतालों की तरह महंगा होगा इलाज
पीपीपी मोड वाले मेडिकल कॉलेज में इलाज निजी अस्पतालों की तरह महंगा होगा, जहां गरीब मरीजों को मुफ्त या रियायती इलाज नहीं मिल पाएगा और जांच, ऑपरेशन, आईसीयू चार्ज व दवाइयों का खर्च आम जनता की पहुंच से बाहर होगा। आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री उपचार योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीमित कर दिया जाएगा, जिससे गरीब मरीजों को लाभ पाने के लिए भटकना पड़ेगा। पीपीपी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में निजी मरीजों को प्राथमिकता मिलेगी और गरीब व सरकारी मरीजों के लिए बेड कम रहेंगे।
– अत्यधिक महंगी होगी मेडिकल शिक्षा
इसके साथ ही मेडिकल शिक्षा भी अत्यधिक महंगी होगी, जिससे आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले के विद्यार्थियों के लिए एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई करना लगभग असंभव हो जाएगा। पीपीपी मॉडल में सरकारी नियंत्रण नगण्य रहेगा, निजी कंपनी की शर्तें हावी होंगी और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाएगी। आरोप है कि इस मॉडल से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा होगी और मेडिकल कॉलेज सेवा का केंद्र न बनकर व्यवसाय बन जाएगा, जिससे पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था कमजोर होने का खतरा है।
– बैतूल में गांव-गांव और वार्ड-वार्ड होगी पानी की जांच
कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय विनोद डागा ने पत्रकार वार्ता में इंदौर में दूषित पेयजल से हुई घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति बैतूल जिले में दोहराई न जाए, इसके लिए बहुत जल्द हर गांव और नगर के प्रत्येक वार्ड से पेयजल के सैंपल लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सैंपलिंग की पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग कराई जाएगी और पानी की गुणवत्ता की लैब जांच भी कराई जाएगी, जिसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। निलय विनोद डागा ने कहा कि आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पत्रकार वार्ता में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव समीर खान, पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय संयोजक बृजभूषण पांडे, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष संजय सरदार यादव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष मोनू बडोनिया, महिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष पुष्पा पेंद्राम उपस्थित रहे।


