Betul Medical College : मेडिकल कॉलेज में जटिल बीमारियों का होगा उपचार और गरीबों को मिलेगा नि:शुल्क इलाज : हेमंत खंडेलवाल
Betul Medical College: Complex diseases will be treated in the medical college and the poor will get free treatment: Hemant Khandelwal
Betul Medical College : बैतूल जैसे आदिवासी जिले में मेडिकल कॉलेज खुलना एक बड़ी सौगात है। मेडिकल कॉलेज खुलने से स्वास्थ्य सेवाओं को और गति मिलेगी। खास बात यह है कि जटिल बिमारियों का बैतूल में ही उपचार हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज में गरीब लोगों को नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी। यह बाते पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहीं। मेडिकल कॉलेज खुलने के संबंध में रविवार को होटल जायका गंज में पत्रकारवार्ता आयोजित की गई, जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पवार, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, भैंसदेही विधायक महेन्द्र सिंह चौहान प्रमुख रूप से उपस्थित थे। पत्रकारों को संबोंधित करते हुए श्री खंडेलवाल ने कहा कि बैतूल में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है। इस कॉलेज में निजी डॉक्टर अपनी सेवाएं देगी, लेकिन इस पर सरकार का भी नियंत्रण रहेगा। जटिल से जटिल बिमारियों का इलाज करने के लिए जिलेवासियों को नागपुर, भोपाल दौड़ लगाना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज बनने से बैतूल में ही गंभीर बिमारियों का इलाज मिलेगा। 300 करोड़ की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज

श्री खंडेलवाल ने बताया कि लगभग 300 करोड़ की लागत से बैतूल में मेडिकल कॉलज का निर्माण हो रहा है। आने वाले तीन सालों के भीतर कॉलेज बनकर तैयार हो जाएगा। इस कॉलेज का संचालन पीपीटी मोड पर होगा। इस कॉलेज को निजी भागीदारी के रूप में चुना है। इस कॉलेज का संचालन आरके डीएफ ग्रुप द्वारा किया जाएगा। इस समूह द्वारा 6 विश्व विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जिसमें से पांच मध्यप्रदेश में ही है। मेडिकल कॉलेज परिसर के विकास हेतू सरकार द्वारा 25 एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर दी गई है।
रोजगार के मिले अवसर
मेडिकल कॉलेज के खुलने से रोजगार के अवसर मिलेगे। डॉक्टर, नर्स, पेरामेडिकल स्टॉफ अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए नए नौकरी के मौके मिलेगे। स्थानीय अर्थ व्यवस्थाएं बढ़ेगी। आसपास के क्षेत्र में रियल स्टेट, खानपान एवं अन्य व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। बैतूल चिकित्सा एवं अनुसंधान के लिए एक केन्द्र बनेगा। जिससे स्थानीय विद्यार्थियों को पढ़ाई का अवसर मिलेगा। बैतूल रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ेगा।
सीजीएचएस के अनुसार उपचार दरें
सूची के अनुसार रेटिनल डिटैचमेंट सर्जरी (आरडीएस) की नॉन-नैबएच दर 10,350 रुपये जबकि नैबएच अस्पतालों में 11,903 रुपये तय की गई है। वहीं स्क्लेरल के साथ रेटिनल डिटैचमेंट सर्जरी के लिए नॉन-नैबएच में 12,420 रुपये और नैबएच में 14,283 रुपये निर्धारित हैं।
कंजेनिटल डायफ्रैगमैटिक हर्निया के इलाज के लिए नॉन-नैबएच अस्पतालों में 34,000 रुपये और नैबएच अस्पतालों में 40,000 रुपये की दर तय की गई है। हायटस हर्निया रिपेयर (एब्डॉमिनल व ट्रांसथोरैसिक) के लिए नॉन-नैबएच में 28,050 रुपये और नैबएच में 33,000 रुपये का पैकेज रखा गया है।
हृदय रोग से जुड़ी बड़ी सर्जरी जैसे कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्ट (सीएबीजी) के लिए नॉन-नैबएच अस्पतालों में 1,27,075 रुपये और नैबएच अस्पतालों में 1,46,136 रुपये निर्धारित किए गए हैं। हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए नॉन-नैबएच में 2,48,400 रुपये और नैबएच में 2,85,660 रुपये का पैकेज तय किया गया है।
इसके अलावा किडनी सिस्ट ऑपरेशन, ब्रेन ट्यूमर एक्सीजन, स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर सर्जरी और सीबीडी स्टोन की मैकेनिकल लिथोट्रिप्सी जैसी प्रक्रियाओं की दरें भी सूची में शामिल की गई हैं। सीजीएचएस के अधिकारियों के अनुसार इन दरों से लाभार्थियों को पारदर्शी और निर्धारित खर्च पर इलाज की सुविधा मिलेगी।
23 को कॉलेज का शिलान्यास, हेमंत खंडेलवाल ने तैयारियों का लिया जायजा
23 दिसम्बर को पुलिस ग्राउंड, बैतूल में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास कार्यक्रम का रविवार को विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अधिकारियों के साथ स्थल पर पहुँचकर तैयारियों का जायजा लिया। कार्यक्रम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के मुख्य आतिथ्य तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित होगा। निरीक्षण के दौरान श्री खंडेलवाल ने संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी, पुलिस महानिरीक्षक मिथलेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन सहित अन्य अधिकारियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा, अतिथियों के आगमन, मंच व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात तथा अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।



