Betul News : शंकर वार्ड में नाली नही होने से सड़क पर बह रहा सैप्टिक टैंक का पानी, नगरपालिका और पार्षद मौन

Betul News: Due to lack of drain in Shankar ward, septic tank water is flowing on the road, municipality and councilor are silent

Betul News : बैतूल जिला मुख्यालय के गंज क्षेत्र का शंकर वार्ड इस समय गंदगी और बदबू से कराह रहा है। संस्कार चौक परिहार आटा चक्की के पीछे की गली में सैप्टिक टैंक का गंदा पानी सड़कों पर खुलेआम बह रहा है। नाली न होने के कारण यह गंदा पानी गलियों से होकर पूरे क्षेत्र में फैल रहा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा गंभीर रूप से बढ़ गया है। इलाके में मच्छरों का बोलबाला है, जबकि वार्डवासी हर दिन इस गंदगी के बीच जीने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगरपालिका और कलेक्टर कार्यालय तक शिकायतें कीं, लेकिन अफसरों ने शिकायतों को फाइलों में दफन कर दिया। शिकायतें कागज़ों में दर्ज होकर रह गईं, और जमीन पर हालात बद से बदतर होते चले गए। वार्डवासी सवाल उठा रहे हैं कि जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों चुप हैं, तो आखिर उनकी सुनवाई कौन करेगा?

वार्ड के पार्षद भी कई बार मौके पर पहुंचे, लेकिन केवल आश्वासन देकर लौट गए। अगर उन्होंने थोड़ी भी गंभीरता दिखाई होती, तो अब तक नई नाली का निर्माण हो चुका होता और लोगों को इस दुर्गंध व गंदे पानी से राहत मिल जाती। लेकिन अफसोस, विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले जनप्रतिनिधि जमीनी सच्चाई से कोसों दूर हैं। चुनाव के वक्त “विकास” के नारे गूंजते हैं, लेकिन जीत के बाद जनता की समस्याएं उनके एजेंडे से गायब हो जाती हैं।

गली-मोहल्लों में अब हालत यह है कि बच्चे उसी गंदे पानी के पास खेलते हैं और लोग नाक पर रुमाल रखकर घरों से निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि लगातार गंदगी और मच्छरों के कारण डेंगू और त्वचा रोग जैसी बीमारियों का डर बढ़ रहा है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जबकि नगरपालिका के अधिकारी मानो कुंभकर्णी निद्रा में सोए हुए हैं।

शंकर वार्ड के लोग अब खुलेआम सवाल पूछ रहे हैं कि जब नगर पालिका और जनप्रतिनिधि ही अपनी जिम्मेदारी भूल जाएं, तो आखिर जनता जाए तो कहां? हर तरफ केवल वादे हैं, अमल कहीं नहीं। नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही और पार्षद की उदासीनता ने वार्ड को बीमारियों के दलदल में धकेल दिया है।

अब वार्डवासी यह मांग कर रहे हैं कि तत्काल नाली निर्माण कार्य शुरू किया जाए और सैप्टिक टैंक के गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान किया जाए। अन्यथा, यह समस्या जल्द ही पूरे क्षेत्र के लिए महामारी का कारण बन सकती है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब हालात काबू से बाहर हो जाएंगे? शंकर वार्ड आज एक सवाल बन गया है।  क्या विकास केवल भाषणों तक सीमित रह गया है?

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