MP News : बेजुबानों पर लम्पी स्किन रोग का खतरा, यह देखते हैं लक्षण
MP News: Danger of lumpy skin disease on mute animals, see these symptoms
MP News : पशुपालन एवं डेयरी विभाग उप संचालक डॉ. सुरजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश के रतलाम एवं झाबुआ सहित महाराष्ट्र के निकटवर्ती जिलों में लम्पी स्किन रोग होने की पुष्टि हुई है। बैतूल जिले में भी कुछ ग्रामों में लम्पी स्किन रोग के लक्षणों वाले कुछ प्रकरण मिले है।
उन्होंने बताया कि यह रोग मुख्यतः गौवंशीय पशुओं में होता है, जिसमें पशु को शुरुआत में तेज बुखार, कंपकंपी, चारा न चरना एवं बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई देते है, जिसके 3 से 4 दिन पश्चात शरीर पर छोटी-छोटी गांठ पड़ जाती है। कुछ प्रकरणों में ये गांठ पक सकती है। इस रोग से पशुओं की मृत्यु सामान्य तौर पर नहीं होती है, किंतु अत्यधिक संक्रमण अथवा अन्य संक्रमणों के कारण कुछ पशुओं की मृत्यु हो सकती है। एवं दुधारू पशुओं में दुग्ध उत्पादन कम हो जाता है।
उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि इस प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर वे अपने बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग एकांत में बांधे, जहां दूसरे पशुओं का आवागमन ना हो। बीमार पशुओं के चारा-पानी की व्यवस्था भी पृथक से की जाए एवं उनके उपयोग में लाए जाने वाले बर्तनों को भी साबुन से अच्छी तरह साफ किया जाना चाहिए। ऐसे बीमार पशुओं के जूठे चारा आदि को भी गाड़ कर नष्ट करना चाहिए।
इस रोग का प्रकोप किलनी, जुए, मच्छर, मक्खी आदि बाह्य परजीवियों के काटने से फैलता है। अपने पशुओं एवं पशुशाला को इन बाह्य परजीवियों से मुक्त रखें। किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण पशुओं में दिखाई देने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सा संस्था अथवा टोल फ्री नंबर 1962 पर सूचित करें, ताकि इस बीमारी का उपचार कर फैलने से बचाया जा सके। पशुपालन विभाग की टीम प्राथमिकता के आधार पर लम्पी स्किन डिजीज रोग का टीकाकरण भी कर रही है। टीम को टीकाकरण के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करें।


