Betul News : खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर, यूरिया की आएगी 3 रैक, खाद नही मिलने पर यहां करें संपर्क

Betul News: Relief news for farmers struggling with fertilizer shortage, 3 racks of urea will arrive, contact here if fertilizer is not available

Betul News: बैतूल  जिले में खरीफ मौसम 2024 में मक्का का कुल क्षेत्र 2 लाख 11 हजार 235 हेक्टेयर था, जो वर्तमान में बढ़कर 2 लाख 45 हजार 200 हेक्टेयर हो चुका है। साथ ही जिले में गन्ने का क्षेत्र भी निरंतर बढ़ रहा है। जिले की उर्वरक भंडारण क्षमता के अनुसार जिले में यूरिया उर्वरक भंडारण का लक्ष्य 60 हजार मेट्रिक टन निर्धारित किया गया था। मक्का के क्षेत्र में 33 हजार 965 हेक्टेयर की वृद्धि होने से यूरिया उर्वरक की मांग में वृद्धि हुई है। जिससे यूरिया भंडारण का लक्ष्य बढ़ाकर लगभग 70 हजार मीट्रिक टन किया जा रहा है। आज दिनांक तक जिले में 58 हजार 186 मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है। जिसके विरूद्ध 52 हजार 570 मैट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किया गया है। जिले में यूरिया की बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी सप्ताहांत तक जिले को दो से तीन रेक (8000 मेट्रिक टन) यूरिया की पूर्ति होने जा रही है।

जिले की समितियों में 1043 मीट्रिक टन यूरिया भंडारित

 वर्तमान में जिले की समितियों में 1043 मीट्रिक टन यूरिया भण्डारित है तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के पास 435.68 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। 13 जुलाई 2025 को जिले में एचयूआर एल कंपनी का 1500 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हो चुका है व आगामी 6 से 8 दिनों में यूरिया की दो से तीन रैक अपेक्षित है। यूरिया उर्वरक के निर्धारित विक्रय दर पर वितरण के लिए संबंधित क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिससे किसानों को निर्धारित दर पर सुविधाजनक रूप से यूरिया प्राप्त हो सकें। किसान भाइयों को यूरिया प्राप्त करने में कोई कठिनाई आती है ऐसी स्थिति में जिला स्तर पर स्थापित कन्ट्रोल रूम के मोबाइल नम्बर- 9826472982 एवं 9407250904 पर सम्पर्क किया जा सकता है। जिले का मैदानी अमला भी सतत स्थिति की निगरानी कर रहा है। सभी समितियों तथा निजी विक्रेताओं के संस्थानों का निरंतर भ्रमण कर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। किसानों को सलाह दी जाती है की मक्के में अनुशंसित मात्रा से अधिक यूरिया का प्रयोग करने से बचे अधिक यूरिया का प्रयोग करने से मक्का में शीतब्लाईट नामक रोग का प्रकोप होता है, जिससे मक्के का तना आड़ा होकर गिर जाता है। टाप ड्रेसिंग में किसान नैनो यूरिया या 2 प्रतिशत यूरिया के घोल का प्रयोग कर सकते है। जिससे फसल सामान्य रूप से वृद्धि करती है और किसान भाईयों को अच्छी उपज प्राप्त हो सकती है।

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