Success Story: 9वीं तक पढ़ी, दिहाड़ी मजदूरी भी की, इस आदिवासी महिला ने फिर खड़ी करोड़ों की कंपनी

Success Story: अक्सर आपने सुना होगा कि जो इंसान मेहनत करता है वह किसी भी मंजिल को प्राप्त कर लेता है। ऐसी एक कहानी है राजस्थान की आदिवासी महिला की। राजस्थान के दुरंगपुर जिले के रहने वाली महिला रुक्मणी कटरा कवि मनरेगा में मजदूरी करती थी। लेकिन आज उन्होंने अपनी खुद की कंपनी शुरू कर ली है और 50 से अधिक महिलाओं को रोजगार दी है। रुक्मणी आज अपनी कंपनी Durga Solar Company चलाती है। उनकी कंपनी सोलर प्लेट, एलईडी बल्ब और कई तरह का सोलर डिवाइस बनाती है।
9वीं पास रुक्मणी ने बदल दी अपनी जिंदगी (Success Story)
रुक्मणी ने नौवीं तक पढ़ाई की है लेकिन उनके अंदर हौसला PhD तक का है। ऊर्जा आजीविका नाम की संस्था से जुड़कर उन्होंने सोलर लैंप और प्लेट बनाने की ट्रेनिंग ली और इसके बाद गांव की महिलाओं के साथ मिल कर छोटा-मोटा कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे वह लीडर बन गई और आखिर में अपनी कंपनी का कमान खुद संभाल ली।
Durga Solar Company अब तक 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है। रुक्मणी अपने जज्बे से लगातार अपनी कंपनी को आगे बढ़ा रही है और मुश्किलों से लड़कर अपना नाम बना रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने की थी रुक्मणी की तारीफ
साल 2016 में दिल्ली के एक इवेंट में रुक्मणी को प्रधानमंत्री मोदी ने उद्यमिता पुरस्कार से नवाजा। जब एक मंच पर एक आदिवासी महिला को ट्रॉफी से नवाजा गया तब सब की आंखें नम हो गई और प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें उन पर गर्व है।
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रुक्मिणी के माता-पिता नहीं चाहते थे कि बेटी ज्यादा पढ़े. लेकिन उन्होंने ना सिर्फ B.Ed. तक की पढ़ाई पूरी की, बल्कि तकनीक और बिज़नेस की भी गुर सीख लिए। गांव में पहले जहां पुरुष प्रधान सोच का बोलबाला था, अब वहीं की महिलाएं सोलर प्रोडक्ट बनाकर अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।



