MP Weather Alert: मध्य प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू, 8 जिलों का तापमान 10 डिग्री से कम

MP Weather Alert: Severe cold wave begins in many districts of Madhya Pradesh, temperature in 8 districts below 10 degrees

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MP Weather Alert:  उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण मध्य प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान में गिरावट आ रही है। मध्य प्रदेश के आठ जिलों में कड़की की ठंड का दौर चल रहा है। आठ जिलों में तापमान 10 डिग्री से कम है। आने वाले दिनों में पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में आ सकता है। 

सबसे ज्यादा ठंडा यह है जिले
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड आठ जिलों में पड़ रही है। इन जिलों में तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश के जबलपुर में न्यूनतम तापमान 9.9,  मंडला 8.1, नवेगांव 9.8, उमरिया 9.1, भोपाल 9.4, पचमढ़ी 7.2 राजगढ़ 9.0 डिग्री तापमान दर्ज किया है। पचमढ़ी में सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है।
रात के बाद अब दिन भी होने लगे सर्द, अब तक नहीं जलें अलाव
बैतूल में दो दिन से लगातार तापमान में गिरावट आने से ठंड के तेवर बढ़ गए है। रात में कड़ाके की ठंड पड़ने के साथ ही अब दिन भी सर्द होने लगे है। तेज धूप का असर कम हो गया है। दिन में गुनगुनी धूप अच्छी लगने लगी है। रात में ठंड पड़ने के बावजूद भी नगरपालिका ने अभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव नहीं जलाए है। मौसम विभाग के मुताबिक तापमान मे और गिरावट आने की संभावना बनी है। शुक्रवार का न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री पर पहुंच गया। तापमान में 0.3 डिग्री की गिरावट आ गई है। इसके पहले भी तापमान 12.5 डिग्री पर पहुंचा था, लेकिन तापमान में बढ़ोतरी हो गई थी। अब तापमान में एक बार फिर गिरावट आई है। रात का तापमान कम होने से लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास होने लगा है। रात में ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने के लिए मजबूर हो गए है। न्यूनतम तापमान के अलावा अधिकतम तापमान भी 1 डिग्री लुढककर 25 डिग्री पर पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आ रही है। आने वाले दिनों में जिलेवासियों को और कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में तापमान फसल के अनुकूल बना हुआ है। जितना कम तापमान होगा, फसलों को उतना फायदा मिलेगा। रबी फसल कम तापमान में होने वाली फसल है। कम तापमान होने पर किसानों को फसल की कम सिंचाई करनी पड़ेगी।

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