Betul Teacher Counseling: देर रात तक काउंसलिंग होने से अतिशेष शिक्षक परेशान, शिक्षा विभाग की लापरवाही आई सामने
Betul Teacher Counseling: Surplus teachers upset due to counseling till late night, negligence of education department came to the fore
Betul Teacher Counseling: जिला मुख्यालय पर जिले के सभी अतिशेष शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए बुला लिया गया। अव्यवस्थाओं के कारण शिक्षक परेशान होते रहे है। इसमें शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक काउंसलिंग के लिए जिले भर से अतिशेष शिक्षकों को मुख्यालय बुलाया था। सुबह 9 बजे काउंसलिंग शुरू होने की लेकिन दोपहर 2:00 बजे के बाद काउंसलिंग शुरू नहीं हो पाई। शिक्षक कतार में खड़े रहे। दोपहर बाद काउंसलिंग शुरू हुई देर रात तक काउंसलिंग होते रही। काउंसलिंग स्थल पर लाइट तक की व्यवस्था नहीं थी रात के अंधेरे में शिक्षक मोबाइल टॉर्च लेकर खड़े रहे। खासकर महिला शिक्षकों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सभी को चिंता यही थी कि दूर दराज से आए और वह घर कब लौटेंगे। कई महिला शिक्षक अपने छोटे-छोटे बच्चों को घर छोड़कर आई थी और वह सुबह से देर रात तक काउंसलिंग के लिए परेशान होते रही। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने शिक्षकों की काउंसलिंग को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं की थी। रात 8:00 बजे जानकारी सामने आई की अधिक देरी होने के कारण कुछ शिक्षकों को घर जाने के लिए कहा गया। अब गुरुवार को फिर से शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए दोबारा आना पड़ेगा।
जानकारी के मुताबिक जिले भर में लगभग 400 से शिक्षक है। जिसमें से आधे लोगों की ही काउंसलिंग हो पाई है। रात 8:00 बजे के बाद तक काउंसलिंग नहीं होने से खाली हाथ शिक्षकों को घर वापस लौटना पड़ा है। गुरुवार फिर सुबह शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया है। इस पूरे मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुशवाहा से संपर्क किया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इधर शिक्षक रात तक परेशान होते रहे और आधिकारिक चादर ओढ़ कर सोते रहे।



