Mp Weather Today: मध्य प्रदेश के 7 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट, वज्रपात, ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलेगी

MP Weather Today: Red alert for rain in 7 districts of Madhya Pradesh, strong winds will blow along with thunderstorm and hailstorm

Mp Weather Today: वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल की पछुआ पवनों के बीच ट्रफ के रूप में 60 डिग्री पूर्व देशांतर के सहारे 30 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में अवस्थित है। साथ ही चक्रवातीय परिसंचरण मध्य राजस्थान के ऊपर माध्य समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है। अन्य चक्रवातीय परिसंचरण मध्य महाराष्ट्र के ऊपर माध्य समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। सिनोष्टिक मौसमी परिस्थितियांवहीं माध्य समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर उत्तरी गुजरात से लेकर कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण होते हुए दक्षिणी तमिलनाडु तक हवाओं में असत्तत्ता (Wind Discontinuity) व्याप्त है। वर्तमान में सक्रीय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 12 अप्रैल 2024 से भारत का उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात होने और तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। 
मप्र के 8 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग भोपाल में मंगलवार को जारी किए एडवाइजरी में बताया गया कि आगामी 24 घंटे के दौरान प्रदेश के सिंगरौली, अनुपपुर, डिंडोरी, छिदवाडा, सिवनी, मंडला और पांडुर्णा  जिले में बारिश का रेड अलर्ट है। यहां ओलावृष्टि व वज्रपात के साथ झंझावात एवं झोकेदार हवाएं (50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। 
इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
जानकारी के मुताबिक मौसम विभाग भोपाल में कई जिलों में बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया है। जिसमे रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, उमरिया, नरसिंहपुर, बालाघाट, दमोह, सागर, भोपाल, विदिशा, हरदा, खंडवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी और श्योपुरकलां जिला शामिल है। 
बैतूल के कई क्षेत्रों में शाम को बरसे बादल
बैतूल। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदल गया है। सोमवार शाम और रात को जिले के कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट आई है। जिलेवासियों को भीषण गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली है। अगले 2 दिन फिर मौसम विभाग ने जिले में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक वर्तमान में उत्तरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर मध्य समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती संरचना के रूप में क्षोभमंडल की कछुआ पवनों के बीच एक ट्रप लाईन बनी है, जिसके कारण मौसम का मिजाज बदला है। अगले 24 घंटे के दौरान बैतूल जिले के कई हिस्सों में गरज चमक के साथ तेज बारिश होने और झंझावत एवं झोकेदार 30 से 40 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 36 डिग्री पर पहुंच गया है। सोमवार रात को तेज हवाएं चलते रही। हवाओं केे कारण वातावरण में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग के मुताबिक बैतूल में 9 और 10 अप्रैल को तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। मंगलवार शाम को जिला मुख्यालय सहित कई क्षेत्रों में बारिश होने के समाचार प्राप्त हुए हैं। जानकारी के मुताबिक सोमवार की शाम और रात को बैतूल जिले के आमला, घोड़ाडोंगरी, पाढर क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि होने से कई किसानों की फसलों को नुकसान भी पहुंचा है। बताया जा रहा है कि घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में चने के आकार के ओले गिरे। चिचोली में भी सोमवार शाम को तेज बारिश हुई। मंगलवार शाम को लगभग 4:00 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और गलत चमक के साथ बैतूल मुख्यालय से अन्य क्षेत्र में बारिश होना शुरू हो गई। आधे घंटे तक बूंदाबांदी होते रही। 
बारिश से भीगी फसलें, सब्जी की फसल को नुकसान
बेमौसम हो रही बारिश से किसान सबसे ज्यादा परेशान है। अभी भी कई किसानों की फसल कटाई का काम जारी है। बेमौसम हुई बारिश से कई किसानों की फसलें भीग गई। जैसे ही मौसम बदला वैसे ही किसान फसलों को सुरक्षित करने में लगे, लेकिन अचानक तेज हवा के साथ बारिश हुई और फसलें भीग गई। फसलें भीगने से उपज की चमक फीकी पड़ने की संभावना बनी है। ऐसे में किसानों को अच्छे दाम नहीं मिल पाएंगे। इधर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा टमाटर की फसल बर्बाद हुई है। इसी तरह बारिश होते रही तो सब्जियों के दामों में बढ़ोत्तरी होने की संभावना बनी रहेगी। सोयाबीन के अलावा और भी सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। 
तेज हवा से झड़ गया आम का बौर
सोमवार रात को हुई तेज बारिश और हवा चलने से आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। अभी कई क्षेत्रों में आम की फसल को बोर आया है। छोटी-छोटी कैरिया भी लगने लगी है। तेज बारिश और हवा चलने से आम का बोर झड़कर नीचे गिर गया। किसान बताते है कि बिजली कड़कने से भी आम के बौर को नुकसान पहुंचता है। कई जगह छोटी-छोटी कैरिया लग गई थी, वह भी झड़कर नीचे गिर गई। ऐसे में आम की पैदावार भी कम हो सकती है।

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