Betul Samarthan Mulya Mung Kharidi: मूंग खरीदी का तीन करोड़ अटका भुगतान, किसान हो रहे परेशान

Betul Samarthan Mulya Mung Kharidi: Payment of three crore stuck for moong purchase, farmers are getting worried

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Betul Samarthan Mulya Mung Kharidi: बैतूल  समर्थन मूल्य में किसानों ने मूंग की उपज बेज दी, लेकिन किसानों का एक माह के भीतर भी भुगतान नहीं हो सका है। किसान भुगतान के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं। एक सैकड़ा से अधिक किसानों का लगभग तीन करोड़ की राशि का भुगतान अटका हुआ है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जल्दी किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले में समर्थन मूल्य पर 994 किसानों ने मूंग की फसल बेची है, जिसमें से 833 किसानों का भुगतान हो पाया है। 161 किसान ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। किसान मंूंग का भुगतान के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। अधिकारियों के मुताबिक 161 किसानों को 3 करोड़ की राशि का भुगतान होना शेष रह गया है। इन किसानों को जल्द ही भुगतान किया जाएगा। अभी भुगतान की प्रक्रिया बैंक में लंबित चल रही है। समर्थन मूल्य में उपज बेचने वाले किसानों को इसी तरह भुगतान के लिए परेशान होना पड़ता है। अधिकारी भी इसका जल्द समाधान नहीं निकालते हैं। यही कारण है कि किसान समर्थन मूल्य में उपज बेचने के लिए रूचि नहीं दिखाते हैं। मूंग की उपज बेचने के लिए 2109 किसानों ने अपना पंजीयन किया था, जिसमें से आधे भी किसानों ने मूंग की उपज नहीं बेची। शुरुआती दिनों में पोर्टल में तकनीकी खराबी रही। इसके बाद बारिश की झड़ी के कारण किसान खरीदी केंद्र पर नहीं जा पाए। खरीदी की तिथि एक ही बार आगे बढ़ाई गई। इसमें भी किसानों को उपज बेचने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।

जरूरी काम होने के बावजूद नहीं मिल रही राशि
जिन किसानों का भुगतान अटका है, उनका कहना है उन्हें जरूरी काम होने के  बावजूद भी राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कुछ किसानों को फसल पर छिडक़ाव करना है, खाद खरीदने सहित अन्य कामकाज है। किसानों को रुपयों की सख्त जरूरत है, लेकिन एक माह से भुगतान नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ किसानों का तो कहना है कि कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। मूंग की खीरीद बंद हुए एक  पखवाड़े का समय बीत गया है। खरीदी बंद होने के एक पखवाड़े पहले कई किसानों ने उपज बेच दी थी, लेकिन भुगतान अभी भी अटका है।  किसानों का कहनार है कि उपज बेचने के बाद ही किसानों को पैसे मिल पाते हैं।  किसानों के पास अन्य कोई आवक नहीं रहती है। साल भर का खर्चा उपज बेचकर चलाना पड़ता है। मूंग बेचने के समय किसानों से कहा था कि एक सप्ताह के भीतर उपज का भुगतान हो जाएगा, लेकिन एक सप्ताह क्या एक माह बीत गया, भुगतान का कोई ठिकाना नहीं है। बैंक  जाने पर बैठकर्मचारियों द्वारा खाते में कोई राशि नहीं आने की बात कही जाती है। जब अधिकारियों से किसान राशि के लिए गुहार लगाते हैं तो अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है। 
इनका कहना…..
अभी 161 किसानों का 3 करोड़ का भुगतान होना बाकी है। भुगतान की प्रोसेस जारी है, जल्द ही किसानों के खाते में राशि डाल दी जाएगी। 
प्रदीप गिरेवाल, डीएमओ बैतूल

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