Betul health department inspection: एक अस्पताल संचालक, एक क्लीनिक संचालक एवं तीन मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस

Betul health department inspection: show cause notice to one hospital operator, one clinic operator and three medical stores

Betul health department inspection news: स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण दल द्वारा गुरूवार को निजी अस्पताल एवं क्लीनिक, मेडिकल स्टोर में आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाई गयी खामियों के आधार पर एक अस्पताल संचालक, एक क्लीनिक संचालक एवं तीन मेडिकल स्टोर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये। निरीक्षण में डिग्री, रजिस्ट्रेशन संबंधी खामियों सहित बिना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की सक्षम अनुमति के इलाज करना एवं एलोपैथी पद्धति से मरीजों को उपचारित करना पाया गया।
सीएमएचओ डॉ सुरेश बौद्ध ने बताया कि शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर जीवन ज्योति चिकित्सालय एवं सात्विक मेडिकल स्टोर कालापाठा बैतूल में निरीक्षण दल के पहुंचने पर ताला बंद पाया गया। संबंधित चिकित्सालय के चिकित्सकों की डिग्री, रजिस्ट्रेशन एवं अन्य शहरों से आकर उपचार करने वाले डॉक्टरों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।
इसी प्रकार लश्करे चिकित्सालय के संबंध में 12 जुलाई को आवेदक श्री राधेश्याम यादव हमलापुर चौक बैतूल की शिकायत डॉ अमेय बीडकर के विरूद्ध प्राप्त हुई थी। निरीक्षण दल ने पाया कि चिकित्सालय में डॉ अमेय बीडकर के किसी प्रकार के दस्तावेज (डिग्री एवं रजिस्ट्रेशन) उपलब्ध नहीं हैं, साथ ही उनके द्वारा बैतूल में उपचार करने हेतु किसी प्रकार की अनुमति मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त नहीं की गई।

संबंधित अस्पताल संचालक को तीन दिवस के भीतर दस्तावेज जमा करने एवं नियम विरूद्ध कार्य करने के लिये कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।
सीएमएचओ ने बताया कि डॉ मुबश्शरा खान गंज के क्लीनिक से एलोपैथिक दवाइयां प्राप्त हुई, जबकि इनके द्वारा अपना डिग्री एवं रजिस्ट्रेशन प्रदर्शित भी नहीं किया था। साथ ही इनके द्वारा क्लीनिक में किसी प्रकार की रेट लिस्ट भी नहीं लगाई गई। इसी क्लीनिक पर प्रत्येक रविवार नागपुर से न्यूरो सर्जन डॉ पवित्र पटनायक मरीजों का उपचार करने आते हैं किन्तु उनसे संबंधित किसी प्रकार का दस्तावेज डॉ मुबश्शरा खान उपलब्ध नहीं करा सकीं। ओम मेडिकल स्टोर गंज के संचालक ने बताया कि नागपुर से न्यूरो सर्जन डॉ पवित्र पटनायक को उनके द्वारा उपचार हेतु बुलाया जाता है किन्तु उन्होंने किसी प्रकार की अनुमति मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त नहीं की गई। संबंधित क्लीनिक संचालक डॉ मुबश्शरा खान, न्यूरो सर्जन डॉ पवित्र पटनायक एवं ओम मेडिकल स्टोर के संचालक को तीन दिवस के भीतर दस्तावेज जमा करने एवं नियम विरूद्ध कार्य करने के लिये कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।
गढ़ेकर मेडिकल स्टोर गेंदा चौक के परिसर में एमएस ईएनटी डॉ प्रमोद बोरघरे द्वारा प्रत्येक रविवार आकर मरीजों का उपचार किया जाता है किन्तु इनके द्वारा क्लीनिक में किसी प्रकार की रेट लिस्ट नहीं लगाई गई। एमएस ईएनटी डॉ प्रमोद बोरघरे के किसी प्रकार के दस्तावेज (डिग्री एवं रजिस्टेऊशन) उपलब्ध नहीं हैं, साथ ही उनके द्वारा बैतूल में उपचार करने हेतु किसी प्रकार की अनुमति मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त नहीं की गई। संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक एवं चिकित्सक को तीन दिवस के भीतर दस्तावेज जमा करने एवं नियम विरूद्ध कार्य करने के लिये कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।

कांतिलाल मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि उनके द्वारा डर्मेटॉलॉजिस्ट डॉ अमोल भंसाली और अन्य चिकित्सकों को हर हफ्ते मरीज देखने एवं शिविर आयोजित करने बुलाया जाता है। लेकिन संचालक संबंधित चिकित्सकों से संबंधित डिग्री, रजिस्टे्रशन एवं चिकित्सकों के उपचार करने तथा शिविर आयोजित करने संबंधी किसी प्रकार की कोई अनुमति उपलब्ध नहीं करा सके। सीएमएचओ ने बताया कि सक्षम एवं मान्य डिग्री के साथ सम्बंधित पैथी के अतिरिक्त किसी अन्य पैथी में उपचार दिए जाने चिकित्सकों एवं फर्र्जी डिग्री वाले चिकित्सकों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। मरीजों की जान से किया जाने वाला खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संपूर्ण जिले में इस प्रकार की कार्यवाही सतत जारी रहेगी।
निरीक्षण दल में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज हुरमाडे, डीएसओ डॉ राजेश परिहार जिला मीडिया अधिकारी श्रीमती श्रुति गौर तोमर, दंत चिकित्सक डॉ तुशांशु सोनी, ड्रग इंस्पेक्टर श्री जे पी कुजूर, श्री प्रकाश मौसिक सहायक ग्रेड-3 रहे सम्मिलित थे।

Related Articles

Back to top button