court decision: पूर्व मंत्री पांसे के अरमानों पर फिरा पानी, नगर पालिका परिषद मुलताई के अध्यक्ष पद का निर्वाचन अवैध एवं शुन्य घोषित
Court decision: The hopes of former minister Panse turned upside down, the election of the chairman of Municipal Council Multai declared illegal and void
court decision today: बड़े चतुराई के साथ भाजपा पार्षद को अपने पाले में लेकर मुलताई नगरपालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा जमाकर वाहवाही बटोरने वाले विधायक सुखदेव पांसे चुनाव शून्य होने से बड़ा झटका लगा है। जब कांग्रेस पार्षदो के समर्थन से नपा अध्यक्ष बनी तो अखबारों की सुर्खियां थी कि पांसे ने मास्टर स्ट्रोक चला है। लेकिन अदालत के फैसले ने पांसे के सारे अरमानों पर पानी फेर दिया। चतुराई कोई काम नही आई है।
नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव को
लेकर न्यायालय में प्रस्तुत याचिका पर मंगलवार को न्यायालय ने नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के निर्वाचन को शून्य घोषित करने का निर्णय दिया है।
प्रथम जिला सत्र न्यायाधीश पीठासीन अधिकारी ने नगर पालिका परिषद मुलताई के अध्यक्ष पद का निर्वाचन अवैध एवं शुन्य घोषित किया है।
प्रथम जिला सत्र न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता और अंबेडकर वार्ड की पार्षद वर्षा दिनेश गड़ेकर द्वारा प्रस्तुत याचिका की सुनवाई उपरांत यह निर्णय दिया है।
प्रथम जिला सत्र न्यायाधीश ने जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर को निर्देश दिए है कि एक माह के भीतर पुनः नियमानुसार और विधिवत नगर पालिका अध्यक्ष मुलताई के निर्वाचन की प्रक्रिया संधारित करें। गौरतलब है कि नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में तत्कालीन भाजपा पार्षद नीतू प्रहलाद सिंह परमार ने बगावत करते हुए कांग्रेस के पार्षदों का सहयोग लेकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की थी। चुनाव के बाद अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रतिद्वंदी उम्मीदवार भाजपा पार्षद वर्षा गड़ेकर ने चुनाव नियमानुसार नहीं होने का तर्क देते हुए चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देते हुए न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की थी।


