पैसेंजर ट्रेन आगजनी का मामला ठंडे बस्ते में: तीन महीने बाद भी नहीं आई जांच रिपोर्ट
बैतूल। बैतूल-छिंदवाड़ा पैंसेजर की बोगियों मेेें लगी आग की जांच अभी भी ठंडे बस्ते में है। रेलवे ने अभी तक जांच पूरी नहीं की है। इतना बड़ा गंभीर मामला होने के बावजूद उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जिससे यह साबित हो रहा है कि कहीं न कहीं विभाग भी लापरवाह अधिकारियों को बचाने में लगा है। जानकारी के मुताबिक 23 नवम्बर 2022 की दोपहर को बैतूल स्टेशन यार्ड में खड़ी छिंदवाड़ा जा रही बैतूल-छिंदवाड़ा पैंसेजर में आग लगने से तीन डिब्बे जलकर खाक हो गए थे। घटना के बाद नागपुर से आई टीम ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर नागपुर लेकर गए। घटना को तीन महीने बित चुके है, अभी तक ट्रेन आगजनी की घटना की जांच रिपोर्ट का कोई अता पता नहीं है। रेलवे विभाग के जवाबदार अधिकारी भी इस घटना से जुड़ी जांच रिपोर्ट के संबंध में कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। सब एक दूसरे का नाम बताकर जवाबदारी से पल्ला झाडऩे में लगे है।
उल्लेखनीय है कि रेलवे स्टेशन यार्ड में खड़ी पैंसेजर में हुई आगजनी की घटना में रेलवे सुरक्षा की पोल खोल दी। आगजनी की घटना के बाद नागपुर डीआरएम और मुंबई रेलवे जीएम ने भी बैतूल पहुंचकर निरीक्षण किया, लेकिन अधिकारियों ने ट्रेन आगजनी की घटना पर चुप्पी साधे रहे। आज दिनांक तक जांच रिपोर्ट का कोई अता पता नहीं है।
इनका कहना…
मैं 15 दिन की छुट्टी पर हूं। मुझे जांच रिपोर्ट के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। विभाग की तरफ से जांच जारी है।
अमोल आर. गहूकार, पीआरओ, नागपुर
नागपुर में जांच होने के बाद रिपोर्ट मुंबई जाएगी। मुंबई से रिपोर्ट आने में समय लगेगा। अभी तक रिपोर्ट हमारे पास नहीं पहुंची है।
जेकअप सेमुअल, स्टेशन मास्टर, बैतूल



