Betul News : नाबालिग पीड़िता का अवैध गर्भपात करने वाली महिला डॉक्टर गिरफ्तार, बिना पंजीकृत चल रहा था क्लीनिक
Betul News: Female doctor arrested for performing illegal abortion on minor victim; clinic was operating without registration.
Betul News : नाबालिग से दुष्कर्म के प्रकरण में अवैध रूप से गर्भपात कराने वाली महिला डॉक्टर को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
पुलिस के मुताबिक 17 जून 2026 को थाना मुलताई में एक महिला द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके गांव के निवासी मोनू साहू (पिता पुरुषोत्तम साहू), ने पिछले लगभग छह माह से उसकी नाबालिग बेटी के साथ घर एवं पशु बांधने के स्थान पर कई बार जबरन दुष्कर्म किया तथा घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी।
घटना के परिणामस्वरूप नाबालिग गर्भवती हो गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार हेतु पहले छिंदवाड़ा और बाद में नागपुर ले गए, जहां चिकित्सकीय परीक्षण में पता चला कि उसका गर्भपात कराया गया है। गर्भपात के बाद उसकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई और उसे नागपुर के आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।
अपराध पंजीयन
शिकायत पर थाना मुलताई में *अपराध क्रमांक 507/2026* पंजीबद्ध कर भारतीय न्याय संहिता एवं पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुख्य आरोपी मोनू साहू को पूर्व में दिनांक 22 जून 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय मुलताई में प्रस्तुत कर जेल भेजा जा चुका है।
विवेचना में हुआ बड़ा खुलासा
मामले की विस्तृत विवेचना, पीड़िता एवं परिजनों के कथनों तथा उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए। जांच में सामने आया कि पांढुर्णा निवासी डॉक्टर चेतना चरपे (पति आकाश कराले, उम्र 31 वर्ष) ने अपने बिना पंजीकृत क्लीनिक में नाबालिग पीड़िता का अवैध रूप से गर्भपात किया।
जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी डॉक्टर ने चिकित्सकीय नियमों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी होने के बावजूद घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी तथा गर्भपात से प्राप्त भ्रूण को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखने के बजाय नष्ट कर दिया। साथ ही मुख्य आरोपी के भाई गजेंद्र उर्फ सोनू साहू के कहने पर 14-15 जून 2026 की रात्रि पीड़िता को अपने क्लीनिक में अवैध रूप से रखकर उसका उपचार किया गया, जिससे पीड़िता के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।
प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 88, 238(ख), 61(2)(क) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 16, 17 एवं 21 के साथ-साथ गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम (MTP Act) की धारा 3(4)(क), 4, 5(3) एवं 5(4) का इजाफा किया गया है। आरोपी को दिनांक 15 जुलाई 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सराहनीय भूमिका
इस महत्वपूर्ण प्रकरण का सफल खुलासा एवं कार्रवाई में निम्न पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष भूमिका रही—
थाना प्रभारी मुलताई निरीक्षक विकास पटेल
चौकी प्रभारी दुनावा उपनिरीक्षक आम्रपाली डाहट
प्रधान आरक्षक सुनील पंद्राम
आरक्षक अभिषेक
महिला आरक्षक मेघा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक बैतूल की अपील
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन ने आमजन से अपील की है कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले किसी भी अपराध, यौन शोषण, बाल विवाह, अवैध चिकित्सकीय गतिविधियों अथवा संदिग्ध घटनाओं की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाने या डायल-112 पर दें। समय पर दी गई सूचना पीड़ितों को न्याय दिलाने और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जिला पुलिस महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा ऐसे जघन्य अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।



