Betul News : मोबाइल की दुनिया में कैद हो रहा इंसान, कामनाओं ने जीवन को बना दिया रसहीन : नंदकिशोर श्रीमाली
Betul News: Man is getting trapped in the world of mobile phones, desires have made life tasteless: Nandkishore Shrimali
Betul News : बैतूल जीवन में जितनी अधिक कामनाएं बढ़ती जाएंगी, इंसान का जीवन उतना ही सूखता और रसहीन होता जाएगा। आज मनुष्य भौतिक इच्छाओं की पूर्ति में इतना उलझ गया है कि उसके पास अपने परिवार और आत्मचिंतन के लिए समय ही नहीं बचा। यह विचार पूज्य गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली ने बैतूल में आयोजित रसेश्वरी मातंगी महाविद्या साधना शिविर के दौरान व्यक्त किए।
कोठीबाजार स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय साधना शिविर का शनिवार को शुभारंभ हुआ। शिविर में बैतूल जिले सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अपने प्रवचन में गुरुदेव ने वर्तमान समय में बढ़ती भौतिकता और मोबाइल की लत पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि आज इंसान एक-दूसरे से दूर होता जा रहा है। परिवारों में आपसी विश्वास और संवाद लगातार कमजोर पड़ रहे हैं। लोग घर में साथ बैठकर भी मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं। चाय पीते समय भी कई बार लोग अपना फोन चेक करते हैं। पति-पत्नी और बच्चों तक ने अपने मोबाइल में पासवर्ड लगाकर रिश्तों में दूरी पैदा कर ली है।
गुरुदेव ने कहा कि मोबाइल ने लोगों को एक प्रकार से कैद कर लिया है। पहले परिवारों में बातचीत, अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव होता था, लेकिन अब लोग आभासी दुनिया में अधिक समय बिताने लगे हैं। उन्होंने शिष्यों से आह्वान किया कि वे मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर अपने वास्तविक जीवन और आध्यात्मिक साधना की ओर ध्यान दें।

प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि कामनाओं की पूर्ति करना कभी आसान नहीं होता। इच्छाएं बढ़ने के साथ व्यक्ति का मन अशांत होता जाता है। इसलिए जीवन में संतुलन और आत्मिक शांति के लिए साधना एवं भक्ति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि गुरु द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर अपनी साधना को और अधिक तीव्र करना चाहिए।
गुरुदेव ने भक्ति का अर्थ बताते हुए कहा कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें शिष्य पूर्ण श्रद्धा और समर्पण भाव से गुरु के प्रति जुड़ा रहे। साधना शिविर में श्रद्धालुओं ने मंत्र जाप, साधना और आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ लिया।




