MP Weather Alert : एमपी के एक दर्ज जिलों में बारिश के साथ गिरे ओले, 36 जिलों में फिर बारिश का अलर्ट

MP Weather Alert: Hailstorm accompanied by rain in a dozen districts of MP, another rain alert in 36 districts

MP Weather Alert : पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्य प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि और बारिश होने के समाचार मिले हैं। ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के मंदसौर, शिवपुरी, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी और छतरपुर जिले में बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान हुआ है। 

इन जिलों में फिर बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग भोपाल में शुक्रवार को जारी की एडवाइजर में बताएं कि अगले 24 घंटे के दौरान दतिया, भिंड, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, निवाड़ी, भोपाल, श्योपुरकला, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, पन्ना, दमोह, छत्तरपुर, मैहर,  विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सागर, पांढुर्णा जिलों में झंझावत और वज्रपात, झोंकदार हवाएं 30-40 किमी/घंटा चलने और कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना जताई है। हालांकि बारिश का अलर्ट शनिवार सुबह तक है। इसके बाद कई जिलों में धूप खिलेगी और मौसम साफ रहेगा। शुक्रवार दोपहर से ही एमपी के कुछ जिलो में मौसम साफ हो गया था। 
बैतूल में भी हुई तेज बारिश, फैसले बर्बाद
बैतूल जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रबी सीजन की फसल कटाई के अंतिम दौर में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने कई क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों से लेकर खलिहानों तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और किसान अपनी मेहनत की फसल बचाने के लिए दिनभर जद्दोजहद करते नजर आए।
गुरुवार को जिले के रानीपुर, घोड़ाडोंगरी, मुलताई, प्रभातपट्टन सहित कई क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल गया। तेज हवा, गरज-चमक और बारिश के साथ मुलताई क्षेत्र में चने के आकार के ओले भी गिरे, जिससे खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा। दिन में हुई बारिश के बाद रात में भी मौसम का असर जारी रहा और जिले के अधिकांश ब्लॉकों में झमाझम बारिश दर्ज की गई।
किसानों के अनुसार जिन खेतों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध है, वहां गेहूं और चना जैसी फसलें अभी हरी अवस्था में खड़ी थीं। तेज हवा और बारिश के कारण कई खेतों में फसल जमीन पर गिर गई, जिसे स्थानीय भाषा में ‘बीछ जानाÓ कहा जाता है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। वहीं जिन किसानों ने फसल कटाई शुरू कर दी थी, उनकी कटी हुई उपज बारिश में भीग गई।
बारिश थमने के बाद शुक्रवार को धूप निकलने पर किसान पूरे दिन खेतों और खलिहानों में फसल सुखाते रहे। किसानों का कहना है कि भीगी हुई फसल के दानों की चमक कम होने का खतरा रहता है। यदि दाने की गुणवत्ता प्रभावित हुई तो समर्थन मूल्य पर उपज बेचने में परेशानी आ सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
कई गांवों में फसल पूरी तरह पककर तैयार थी और किसान कटाई की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अंतिम समय में हुई बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिन किसानों की फसल खेतों में गिर गई है, वे अब प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए शासन स्तर पर शीघ्र कार्रवाई जरूरी है।
जिला मुख्यालय पर जमकर बरसे बादल 
इधर जिला मुख्यालय पर भी गुरुवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। रात करीब 12 बजे गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हुई, जो शुक्रवार अल सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। बिजली ऑफिस से नंदी चौक तक आबकारी रोड सहित अन्य क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार जिला मुख्यालय पर रात के दौरान 12.04 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बारिश से जहां एक ओर तेज गर्मी से लोगों को राहत मिली, वहीं अगले दिन उमस ने लोगों को परेशान किया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में जिले के कुछ हिस्सों में फिर हल्की बारिश या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
बेमौसम बारिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बदलते मौसम चक्र का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। अब किसानों की नजर प्रशासनिक सर्वे और राहत सहायता पर टिकी हुई है, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके और आगामी सीजन की तैयारी प्रभावित न हो।

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