Betul News : पारसडोह जलाशय का पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों ने किया चक्काजाम
Betul News: Angry farmers blocked the road due to non-availability of water from Parasdoh reservoir.
Betul News : पारसडोह जलाशय का सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से किसानों में आक्रोश है। शुक्रवार को आक्रोशित किसानों ने आठनेर मुलताई मार्ग घाना जोड़ पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने चक्का जाम खत्म किया है। जानकारी के अनुसार आठनेर- पारसडोह सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र में आने वाले लगभग 15 गाँवों के किसान, सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी उपलब्ध न होने तथा परियोजना संचालकों द्वारा नहर से नियमित जल आपूर्ति न करने के कारण अत्यंत परेशान हैं।
किसानों ने कई बार संबंधित अधिकारियों, जिनमें जलसंसाधन, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। किसी भी अधिकारी ने न तो संतोषजनक उत्तर दिया और न ही किसानों की बात सुनी। फलस्वरूप किसानों को मजबूर होकर आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ा।
लगभग 10 गाँवों के किसानों ने 2 दिसंबर 2025 को एसडीएम मुलताई के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं मिला तो वे 5 दिसंबर 2025 को चक्का जाम करेंगे और यह आंदोलन पूर्णतः संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण होगा।
निर्धारित समयानुसार, 5 दिसंबर 2025 को आठनेर–मुलताई मार्ग पर ग्राम घाना–गौना जोड़ के पास लगभग 500 किसानों ने एकत्रित होकर चक्का जाम किया। यह चक्का जाम करीब 2 घंटे तक जारी रहा।
पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में विभाग के अधिकारी, जिनमें एसडीओ सिंचाई विभाग नागले साहब, ई.ई. चौहान साहब तथा तहसीलदार आठनेर उपस्थित रहे, और उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर उनकी सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा तथा नियमित रूप से सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने 2 घंटे पश्चात चक्का जाम समाप्त कर दिया।
इस आंदोलन में मुख्य रूप से ग्राम काजली, बिसनूर, गौना, नंदकुड़ी, सिरडी, सहानगांव, पचधार एवं गरव्हा के किसान उपस्थित रहे। *प्रमुख रूप से श्री सुन्दर लाल बनखेड़े, मुकेश डढोरे, संजय वागद्रे, देवीराम बनखेड़े (जनपद उपाध्यक्ष प्रभात पट्टन), दशरथ चौरें, साहेब राव वागद्रे, मंचित लोखंडे, रमेश डढोरे तथा आठनेर नगर के भारतीय किसान संघ के पूर्व अध्यक्ष मियां चांदसाह उपस्थित थे।



