Shani Jayanti 2025 : 27 मई को शनि जन्मोत्सव पर मंदिरों में होंगे हवन- पूजन और विशाल भंडारे, साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत पाने करें यह उपाय
Shani Jayanti 2025: On 27th May, on the occasion of Shani Janmotsav, there will be havan-pujan and huge bhandara in temples, do these remedies to get relief from Sadesati and Dhaiyya
Shani Jayanti 2025 : न्याय के देवता भगवान शनिदेव का जन्मोत्सव मंगलवार को बड़ी ही धूम-धाम के साथ मनाया जाएगा। जन्मोत्सव को लेकर शनि मंदिरों को आकर्षक सजाया है। सुबह से मंदिरों में श्रद्धालुओं का ताता लगा रहेगा। शनि जन्मोत्सव के अवसर पर शनि मंदिरों में विशाल भंडारे आयोजित किए जाएगे। शनि जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। मंगलवार 27 मई को ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्मोत्सव को लेकर बैतूल शहर के शनि मंदिरों में तैयारियां पूरी हो चुकी है। बीएसएनएल ऑफिस के पास स्थित शनि मंदिर और गंज शनि मंदीर, बीजासनी माता मंदिर और विनोवा वार्ड स्थित शनि मंदिर को आकर्षक सजाया गया है। श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर समितियों द्वारा व्यवस्था बनाई जा रही है। 
हवन-पूजन के साथ होगे विशाल भंडारे
शनि जन्मोत्सव के अवसर पर बीएसएनएल ऑफिस के पास स्थित श्री शनि शिंगणापुर शनिदेव मंदिर में सुबह के 7 बजे भगवान शनिदेव का विशेष अभिषेक किया जाएगा। सुबह 9 बजे हवन-पूजन कार्यक्रम होगा। मंदिर समिति के सदस्य शंशीकांत महाले ने बताया कि शाम 7 बजे महाआरती होगी। रात्रि 7.30 बजे विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। भव्य देवी जागरण कार्यक्रम होगा इसमें माँ कालका जागरण ग्रुप द्वारा भक्तिगीतों पर शानदान प्रस्तुति दी जाएगी। मंदिर समिति के सदस्यों ने शनि जन्मोत्सव के दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया है। गंज स्थित शनि मंदिर में भी सुबह से पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो जाएगा। शाम को भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया है। विनोबा वार्ड स्थित श्री न्यायाधीश शनि मंदिर में शनि जन्मोत्सव के दिन हवन पूजन होगा वहीं सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। शाम के समय मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। बीजासनी माता मंदिर गंज में भी शनि जन्मोत्सव की धूम रहेगी। समिति के सदस्यों ने प्रसादी गृहण करने हेतु अधिक से अधिक संख्या में पधारने की कृपा की है।
तेल चढ़ाने से कम होगी साढ़े साती का प्रकोप
ज्योतिषों के मुताबिक शनि भगवान को न्याय का देवता कहा गया है। भगवान शनिदेव लोगों को अपने कर्मों के अनुसार फल देते है। जब किसी व्यक्ति पर साढ़े साती का प्रकोप होता है उस समय कष्ट भरे दिन बिताना पड़ता है। शनि जन्मोत्सव के दिन कोई भी व्यक्ति जब भगवान शनिदेव को तेल व तिल और काला कपड़ा चढ़ाकर पूजा अर्चना कर छमा याचना करते है तो भगवान शनिदेव भक्तों पर प्रसन्न होकर साढ़े साती के प्रकोप को कम कर देते है जिससे भक्त हसी-खुशी जीवन यापन करने लगते है। शनि जन्मोत्सव के दिन भी विशेष सहयोग बना हुआ है। इस दिन भगवान शनि देव की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को विशेष फल मिलेगा।
- MP News: सारणी में 28 मई को होगा भव्य स्व-सहायता समूह सम्मेलन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे शामिल
यह है पूजा अर्चना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषो के अनुसार 26 मई को दोपहर 12.11 मिनट पर ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत होगी। वहीं, 27 मई को सुबह 08.31 मिनट पर ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। शुभ मुर्हूत में पूजा-अर्चना करने से शुभ फल प्राप्त होता है।


