Betul Today News: पारसडोह जलाशय नहर की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त, खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी, किसानों की फसलें सुखने की कगार पर पहुंची

Betul Today News: Parasdoh reservoir canal pipeline damaged, water not reaching the fields, farmers' crops on the verge of drying up

Betul Today News: बैतूल के  पारसडोह जलाशय से रबी फसल की सिंचाई के लिए नहर पानी छोड़ दिया है। नहर की पाइप लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रभातपट्टन क्षेत्र के कई किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। फसल सुखने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने पाइप लाइन की मरम्मत का कार्य करने की मांग की, लेकिन जल संसाधन विभाग का ढुलमुल रवैया सामने आ रहा है। जल्द पाइप लाइन की मरम्मत नहीं हुई तो किसानों की फसलें सुख जाएगी और भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 

ग्राम सिरडी के किसान अरविंद गलफट, गजानंद गलफट ने बताया कि पारसडोह से नहर के लिए बिछाई गई पाइप लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच रहा। फसल सुखने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने नहर की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मुलताई के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से की, लेकिन मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो सका।
सूखने लगी किसानों की फैसले
किसानों का मानना है कि पाइप लाइन मरम्मत के लिए 3-4 दिन का समय लगा तो फसलें सुख जाएगी और नुकसान होगा। क्षेत्र के सैकड़ों किसान पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण परेशान है। 
दर्जनभर जगह क्षतिग्रस्त हुई पाइप लाइन 
मुलताई, प्रभातपट्टन क्षेत्र में पारसडोह जलाशय की नहर की पाइप लाइन लगभग एक दर्जन स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। मुख्य पाइप लाइन के अलावा कई जगह से छोटी  पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी खुद मान रहे है कि पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई है, जिसकी मरम्मत का कार्य चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल निगम ने जगह-जगह खुदाई की है। इस खुदाई के दौरान जगह-जगह पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने की कई शिकायतें आ रही है। शिकायतों के बाद मरम्मत का कार्य पूरा किया जा रहा है। 
इनका कहना..
मुख्य पाइप लाइन के अलावा नहर की कई छोटी जगह से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। अभी मुख्य पाइप लाइन को सुधारा जा रहा है। दो-तीन दिन के भीतर सभी जगहों की पाइप लाइन की मरम्मत का कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
विपिन वामनकर, ईई जल संसाधन विभाग मुलताई

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