बचपन में छूटा माता-पिता का साथ, दादी ने की परवरिश, 4 बार प्यार हुए फेल, जानिएं Ratan Tata की अनसुनी बातें

Ratan Tata
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Ratan Tata: रतन टाटा किसी पहचान के मोहताज नहीं है। भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में रतन टाटा के नाम का डंका बज रहा हैं। अपने असाधारण व्यक्तित्व और परोपकारी नीति के वजह से रतन टाटा सबके दिलों पर राज करते थे।

टाटा पद्म विभूषण और पद्मभूषण से सम्मानित थे। टाटा कैंसर हॉस्पिटल रतन टाटा के द्वारा ही लाया गया था। इसके साथ ही वह आम लोगों के लिए देश की सबसे सस्ती कर लॉन्च की थी। अरबपति होने के बाद भी वह सादगी भरी जिंदगी जीते थे और मुंबई में अपने एक छोटे से फ्लैट में रहते थे। आईए जानते हैं रतन टाटा की निजी जिंदगी के बारे में…

दादी ने की थी रतन टाटा की परवरिश (Ratan Tata)

28 दिसंबर 1970 को नवल और सुनु टाटा के घर रतन टाटा का जन्म हुआ था। रतन टाटा जमशेदजी टाटा के पर पहुंचे थे और उनका जन्म पारसी परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता बचपन में ही अलग हो गए जिनमें बाद उनकी दादी ने उनके परवरिश की। 1991 में उन्होंने टाटा ग्रुप का अध्यक्ष का पद संभाला।

लव लाइफ में अनलकी रहे रतन टाटा

रतन टाटा अकूत संपत्ति के मालिक होते हुए भी लव लाइफ में हमेशा अनलकी रहे। दिग्गज बिजनेसमैन को 4 बार प्यार हुआ, लेकिन हर बार उनकी लव स्टोरी अधूरी रह गई। रतन टाटा को ब्रिटेन में एक लड़की से प्यार हुआ। 1962 युद्ध के समय उनकी दादी ने फोन करके उन्हें घर बुला लिया और बाद में रतन टाटा ब्रिटेन नहीं जा पाए इसके बाद लड़की ने किसी और से शादी कर ली।

सादगी पूर्ण जीवन जीते थे रतन टाटा

रतन टाटा को बचपन से ही बेहद कम बोलना पसंद था। वह केवल औपचारिक और जरूरी बातें ही करते थे। उन्हें बुक पढ़ना बेहद पसंद था इसके साथ ही वह सक्सेस स्टोरी पढ़ा करते थे। रतन टाटा को पुरानी गानों का शौक था इसके साथ थी वह पियानो बजाते रहते थे।

Covid में 500 करोड का दान

रतन टाटा अपने परोपकारी नीति के वजह से भी लोगों के दिलों पर राज करते थे। दिग्गज बिजनेसमैन की अधिक संपत्ति दान में ही चली जाती थी। जब देश को कोरोना महामारी से जूझ रहा था उसे समय उन्होंने 500 करोड रुपए का दान कर दिया था।

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