Madhya Pradesh News: एमपी के इन क्षेत्रों में नहीं बिकेगा मांस मदिरा, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिया बड़ा फैसला

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान किया हैं। मुख्यमंत्री ने नर्मदा नदी के आस-पास स्थित धार्मिक स्थलों के पास मांस-मदिरा बेचने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह रोग नर्मदा मैया के भक्तों के विश्वास और धार्मिक सद्भावना को लेकर लगाई गई है। बता दें कि इसी सप्ताह मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी। इसमें नर्मदा की अखंडता और धार्मिक संस्कृति बनाए रखने पर जोर दिया गया था।
विदित हो कि मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी 1312 किलोमीटर के एरिया में फैली हुई है और इस नदी को लेकर भक्तों में काफी विश्वास भी है।
नर्मदा नदी के आसपास नहीं बिकेगा मांस मदिरा (Madhya Pradesh News)
मुख्यमंत्री ने राज्य प्रशासन को आदेश दिया है कि वह सुनिश्चित करें की नदी के पवित्र स्थलों के आसपास किसी भी तरह का मांस या मदिरा नहीं बीके ।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि नर्मदा सिर्फ एक नदी नहीं है बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत है और हम सबको अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करनी चाहिए।हम नर्मदा नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाएंगे।
लोगों के भक्ति और श्रद्धा का केंद्र है नर्मदा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि नर्मदा नदी लोगों की भक्ति और आस्था का केंद्र है। उपभोक्ता-संचालित जीवनशैली में प्रकृति और पर्यावरण को होने वाले नुकसान ने नदियों और अन्य जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। जिससे उन्हें इन प्रभावों से बचाना आवश्यक हो गया है।
नर्मदा नदी के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके किनारे कुल 21 जिले, 68 तहसील, 1138 गांव और 1126 घाट के साथ-साथ 430 प्राचीन शिव मंदिर और दो ‘शक्ति पीठ’ हैं।
खनन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्मदा नदी में मशीनों से होने वाली खनन गतिविधियों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि नर्मदा दुनिया अकेली ऐसी नदी है, जिसकी भक्त ‘परिक्रमा’ करते हैं। इसकी महत्ता को देखते हुए इसको प्रमुख धर्म और पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किए जाने की जरुरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी कई लोगों की प्यास बुझती है और हमारे राज्य के लिए यह नदी काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए इस नदी की पवित्रता बरकरार रखने की जरूरत है।



