Pandit Pradeep Mishra: एक और विवाद में फंसे पंडित प्रदीप मिश्रा, थाने में की शिकायत, पुलिस जांच जुटी
Pandit Pradeep Mishra: Pandit Pradeep Mishra caught in another controversy, lodged a complaint at the police station, police started investigation

Pandit Pradeep Mishra: अपनी कथा में राधा रानी के बारे में जानकारी देने के बाद विवादों में फंसे पंडित प्रदीप मिश्रा का यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि प्रदीप मिश्रा और एक विवादों में फंस गए हैं। इस संबंध में प्रदीप मिश्रा के खिलाफ थाने में शिकायत की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ मंगलवार को उज्जैन के जीवाजीगंज थाने में आवेदन देकर शिकायत की है। निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरी महाराज ने शिकायत दर्ज की है। सुमनानंद गिरी महाराज बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने तुलसीदास जी को गवार बताया है। इस पर आपत्ति जताई है उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। पंडित मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है इस वीडियो में पंडित मिश्रा यह कहते नजर आ रहे हैं कि उन्हें कुछ भी नहीं आता वे तुलसीदास जी की तरह गवार है। हालांकि अभी यह बात सामने नहीं आई है कि यह वीडियो कब का है और कहां का है। पुलिस का कहना है कि शिकायती आवेदन मिलने के बाद इस वीडियो की जांच की जाएगी इसके बाद उचित कार्रवाई करेंगे।
राधा रानी को लेकर यह कहा था
राधा- रानी प्रसंग पर पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचन पर विवाद छिड़ गया है। संत प्रेमानंद महाराज पंडित मिश्रा पर जमकर बरस पड़े। संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जो पंडित मिश्रा ने बताया है वह सही नहीं है। उल्लेखनीय है कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा था कि राधा के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला है। ननद का नाम कुटिला था। राधा जी शादी छाता में हुई थी। राधाजी बरसाना की नही बल्कि रावल की रहने वाली है। बरसाना में राधा जी के पिता की कचहरी थी और वह वर्ष भर में एक बार आती थी। इस बात को लेकर प्रेमानंद महाराज पंडित मिश्रा पर भड़क गए और कहा कि तुम्हें नरक में जाने से कोई नही बचा सकता है। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हमारे धर्म के खिलाफ बोलेंगे और हमारे गुरु और धर्म का अपमान करोगे तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इधर पंडित प्रदीप मिश्रा कहां की मैं जो भी बोलूंगा प्रमाण के साथ बोलूंगा बिना प्रमाण के कुछ नहीं बोलूंगा।



