Betul Medical College News: बैतूल में मेडिकल कॉलेज के लिए देखी जमीन, कलेक्टर लेंगे आखिरी फैसला

Betul Medical College News: Land seen for medical college in Betul, Collector will take final decision

फ़ाइल फ़ोटो

Betul Medical College News: बैतूल मेडिकल कॉलेज को लेकर प्रशासन भी अब एक्शन मोड में है। कोसमी क्षेत्र में राजस्व अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज के लिए जगह देखी है। जल्द ही कलेक्टर को जानकारी देकर जमीन का निरीक्षण किया जाएगा। भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव के पहले मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया। चुनाव के बाद फिर भाजपा को बहुमत मिला और सरकार बनी है। पूर्व सांसद और वर्तमान बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के प्रयासों से मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हुआ है। अब कॉलेज के लिए भूमि का इंतजाम करने जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। बैतूल जिले में स्वीकृत हुए नवीन चिकित्सा महाविद्यालय स्थापना के लिए जिला अस्पताल बैतूल से दस किमी की दूरी में 25 एकड़ से अधिक भूमि की तलाश की जा रही है। राजस्व अधिकारी जमीन की तलाश में जुटे हैं। अभी तक राजस्व अधिकारियों ने कई जगह जमीन की तलाश की जिसमें कोसमी में अधिकारियों द्वारा लगभग 25 एकड़ जमीन देखी गई है। जमीन के संबंध में राजस्व अधिकारी अब कलेक्टर से मुलाकात करेंगे। बैतूल तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि कोसमी में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन देखी है। यह जमीन थोड़ी उबड़-खाबड़ है। जमीन तो देख ली है लेकिन कलेक्टर से इस संबंध में चर्चा की जाएगी और मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद कॉलेज के लिए जमीन बेहतर साबित होती है तो इस जमीन को ही चिन्हित किया जाएगा। तहसीलदार ने कहा कि जमीन थोड़ी उबड़-खाबड़ जरूर है लेकिन इस जमीन पर कॉलेज का निर्माण हो सकता है। जमीन को समतल करने की जरूरत पड़ेगी। वैसे भी भवन निर्माण के समय जमीन को समतल किया जाता है। कोसमी में जहां जमीन देखी है वहां 10 किमी के अंदर है, जिससे मेडिकल कॉलेज की गाइड लाइन के अंतर्गत आती है। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि पटवारियों को भी मेडिकल कॉलेज के संबंध में जमीन को लेकर जानकारी दी है, अपने-अपने पटवारी हल्का क्षेत्र में भी पटवारी जमीन की तलाश कर रहे हैं। जहां पर भी बेहतर जमीन मिलेगी उसे ही चिन्हित किया जाएगा। 

हेमंत के प्रयासों से मिली कॉलेज की स्वीकृति
बैतूल में मेडिकल कॉलेज की लंबे समय से मांग चल रही थी। कई बार जनप्रतिनिधियों द्वारा मेडिकल कॉलेज स्वीकृत कराने के लिए समय-समय पर प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। विधानसभा चुनाव के पहले हेमंत खंडेलवाल ने मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति के लिए पूरे प्रयास किए और आखिरकार उन्हें मेडिकल कॉलेज लाने के लिए सफलता मिल गई। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद जिलेवासियों को फायदा मिलेगा। गंभीर बीमारी का भी बैतूल में ही इलाज हो सकेगा। नागपुर-भोपाल रैफर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैतूल के कॉलेज से डॉक्टर बनकर प्रदेश स्तर तक जाएंगे। आदिवासी बाहुल्य जिले में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत होना एक बड़ी सौगात है। 
अधिकारियों में तालमेल नहीं
कॉलेज की जमीन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों में तालमेल नहीं है। कुछ अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कॉलेज की जमीन को लेकर एसडीएम अभिषेक चौरसिया का कहना है कि कॉलेज की जमीन को लेकर शासन की तरफ से कोई अधिकृत पत्र नहीं आया है। बिना पत्र आए कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती है। शासन के आदेश आने पर ही जमीन को लेकर कार्यवाही करेंगे। एसडीएम भले ही आदेश का इंतजार कर रहे हैं लेकिन तहसीलदार मेडिकल कॉलेज की जमीन की तलाश में जुट गए हैं और उन्होंने जमीन भी देख ली है। इन दोनों राजस्व अधिकारियों के बयानों से ऐसा लग रहा है कि मेडिकल कॉलेज की जमीन को लेकर अधिकारियों में कोई तालमेल नहीं है। 
इनका कहना
– मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन को लेकर हमारे पास कोई लिखित आदेश अभी तक नहीं पहुंचे हैं। आदेश पहुंचने के बाद ही जमीन की तलाश करेंगे। 
-अभिषेक चौरसिया, एसडीएम बैतूल।
– कोसमी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन देखी है। जमीन की जानकारी कलेक्टर को दी जाएगी। कलेक्टर के निर्देश के बाद ही आगे की कार्यवाही करेंगे। 
अतुल श्रीवास्तव, तहसीलदार बैतूल।

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