Management In Code Of Conduct: बैतूल निर्वाचन आयोग द्वारा सोमवार दोपहर को आगामी विधानसभा की चुनावी तारीखों की घोषणों के साथ आचार संहित लागू हो गई है। आचार संहिता का असर आगामी आने वाले त्यौहारों पर भी दिखने को मिलेगा। प्रतिबंधों के बीच त्यौहारों का उत्साह मनाया जाएगा। 15 अक्टूबर से नवरात्रि उत्सव की शुरूआत हो रही है। नवरात्रि उत्सव में प्रतिवर्ष हमेशा गरबे की आधी रात तक धूम देखने को मिलती है, लेकिन इस बार आचार संहिता होने के कारण प्रतिबंधों के साए में नवरात्र उत्सव मनाया जाएगा। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध रहेगा। गरबे में भी रात 10 बजे के बाद डीजे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। ऐसे में नवरात्रि का उत्सव फीका रह सकता है। नवरात्रि के बाद दशहरा और दीपावाली पर्व भी आएगा। इन दोनों पर्व पर भी आचार संहिता लगी रहेगी। आचार संहिता के लागू होते ही प्रशासनिक अमला एक्शन मोड पर आ गया है। अब हर कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रशासनिक अधिकारियों की पैनी नजर बनी रहेगी। बिना अनुमति के कोई भी कार्यक्रम आयोजित नही किए जाएंगे।
इन पर रहेगा आचार संहिता( Assembly Election Code Of Conduct) में प्रतिबंध
जिला दंडाधिकारी ने जारी किए गए आदेश में बताया गया कि आचार संहिता लगते ही धारा 144 प्रभावी हो गई है। आचार संहिता में कोई व्यक्ति या समूह किसी प्रकार से विस्फोटक पदार्थ, पटाखा, बारूद इत्यादि का संग्रहण नहीं कर सकेगा। कोई भी व्यक्ति समूह शस्त्र, तलवार, लाठी, भाला, बरछी, चाकू इत्यादि का संग्रहण एवं परिवहन नहीं करेगा। जुलूस एवं आम सभा में प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। कोई भी विद्यार्थी और राजनैतिक दल बिना अनुमति के रैली एवं सभा नहीं कर पाएंगे। रैली एवं सभा के लिए 48 घंटे पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिले के समस्त विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में समस्त प्रकार के जुलूस एवं आमसभा, नारेबाजी, प्रदर्शन बंद रहेंगे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का धार्मिक स्थलों को छोड़कर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। किसी भी राजनीतिक दल द्वारा शाला भवनों, धार्मिक स्थान, सर्किट हाउस, रेस्ट हाउस, शासकीय कार्यालय परिसरों में किसी भी सभा का आयोजन एवं प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकेगा। आचार संहिता में किसी भी जुलूस, चक्काजाम, पुतला दहन इत्यादि नहीं होगा। मतदान केन्द्र की 100 मीटर परिधि में बाहरी व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।लाईसेंसधारियों को अपने शस्त्र जमा करने होंगे।
आचार संहिता में जिले के बाहर से आने-जाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी नजर बनी रहेगी। बैतूलग महाराष्ट्र से लगा हुआ है, ऐसे में बैतूल और महाराष्ट्र की सीमा पर जिले में आने-जाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। वाहनों की चैकिंग के बाद ही उन्हें जिले में प्रवेश दिया जाएगा। बार्डर पर भी चैकिंग के लिए पुलिस और अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। धार से आने-जाने वाले व्यक्तियों से पूछताछ भी की जा सकती है। होटल संचालकों को भी निर्देश जारी किए है कि कोई भी व्यक्ति अगर जिले के बाहर से आता है तो होटल में ठहरने के पहले उसकी फोटो और परिचय पत्र, आधार कार्ड लेना आवश्यक होगा। साथ ही रूकने का कोई ठोस कारण भी पूछ सकते है। किसी भी अनजान व्यक्ति को होटल में न ठहरने देने के निर्देश जारी किए है। कोई भी व्यक्ति अगर संदिग्ध पाया जाता है तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को देने के निर्देश जारी किए है।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी पैनी नजर
आचार संहिता में सोशल मीडिया पर भी प्रशासनिक अधिकारियों की पैनी नजर बनी रहेगी। कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि के माध्यम का कोई भी दुरूपयोग साम्प्रदायिक, धार्मिक तथा जाति विशेष को भड़काने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसारण नहीं कर सकेगा। कोई व्यक्ति उपरोक्त वर्णित सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर आपित्तजनक व उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो इत्यादि फारवर्ड नहीं करेगा। नियमों का उल्लंघन किया गया तो भारतीय दंड संहिता की धारा 188 सायबर विधि तथा अन्य नियमों के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।