Betul Weather News: बैतूल मौसम की बेरूखी ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। 11 दिन हो गए बारिश थमी हुई है। इसका असर अब सीधा फसलों पर दिखाई देने लगा है। पानी की कमी से फसलें मुरझाने लगी है और खेतों में दरारें पड़ने लगी है। किसान अब फसलों को बचाने के लिए सिंचाई करने को मजबूर है। कई किसानों ने सिंचाई कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। किसान अब फसलों को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे है। 21 अगस्त से मानसून में ब्रेक लग गया है। बैतूल में बारिश नहीं हुई 11 दिन बीत गए है। बारिश नहीं हुई लंबा समय बीत गया, इसका असर अब फसलों पर साफ दिखाई देने लगा है और कुछ दिन तक बारिश नहीं हुई तो फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका बनी है। किसानों का कहना है कि बारिश थमने और तेज धूप खिलने के कारण फसलें मुरझाने लगी है। खेतों में भी दरारें पड़ने लग गई। तेजी से जमीन की नमी कम होते जा रही है। अभी फसल फूल, फल्लियों पर है, छोटी-छोटी फल्लियां लग गई है। कुछ क्षेत्रों में फसलों को फूल आ गए है। ऐसी स्थिति में लंबे समय से बारिश नहीं होना फसलों के लिए नुकसानदायक है। अब कृषि वैज्ञानिक भी मान रहे है कि फसलों पर बारिश नहीं होने का असर देखने को मिल रहा है। चार-पांच दिन तक बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर असर पड़ने की सबसे ज्यादा संभावना बनी है।
सिंचाई कर फसलों को बचा रहे किसान
मौसम की बेरूखी को देखते हुए कई किसानों ने अब फसलों का सिंचाई कार्य प्रारंभ कर दिया है। किसानों का कहना है कि अब फसलों को बचाने के लिए सिंचाई एकमात्र उपाय बचा हुआ है। फसल की सिंचाई नहीं की तो फसल बर्बाद हो जाएंगी, लागत भी निकलना मुश्किल हो जाएंगा। सोयाबीन, मक्का और धान की फसल का सिंचाई कार्य प्रारंभ कर दिया है। किसानों का कहना है कि बारिश नहीं हुई तो पेड़ों में लगी छोटी फल्लियां और फूल सूख कर नीचे गिर जाएंगे। जिसका असर यह रहेगा कि सोयाबीन का उत्पादन घट सकता है। सबसे ज्यादा संकट अभी धान की फसल पर बना है। धान को सबसे ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है, खेतों में पानी भरा होना चाहिए, लेकिन हालात यह है कि धान के खेत पूरी तरह से सूख गए है। जिन किसानों के पास सिंचाई के साधान है, उन किसानों ने सिंचाई शुरू कर दी, लेकिन जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन नहीं है, उनके सामने सबसे बड़ी समस्या बनी है।
6 सितम्बर से होगी मानसून की एक्टिविटी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी मानसून के लिए बैतूल वासियों को थोड़ा और कुछ दिन का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग भोपाल के मौसम वैज्ञानिक एसएन साहू ने बताया कि अभी बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बन रहा है। इस नए सिस्टम के एक्टिव होने के बाद बैतूल जिले में 6 से 7 सितम्बर को फिर से मानसून एक्टिव होगा और बारिश के आसार बने हुए है। कुछ क्षेत्रों में मध्यम तो तेज बारिश हो सकती है। इस सितम्बर माह में और भी कई नए सिस्टम एक्टिव होने की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी सच साबित होने की स्थिति में भी अभी किसानों को बारिश के लिए 4 से 5 दिन का और इंतजार करना होगा। किसान मानसून के इंतजार में एक-एक दिन गिन रहे है।
इनका कहना…
बारिश नहीं हुई, इसका असर फसलों पर दिखाई देने लगा है। कुछ किसानों ने सिंचाई करना भी प्रारंभ कर दिया है। अभी फसलों को बारिश की सख्त आवश्यकता है और कुछ दिन तक बारिश नहीं हुई तो उत्पादन घटेगा।
व्हीके वर्मा, कृषि वैज्ञानिक, बैतूलबाजार