bank Rin Vasuli news: बैतूल के किसानों पर साढ़े पांच करोड़ का ऋण बकाया, जाने इस तिथि तक बैंक ऋण नहीं दिया तो डिफाल्टर हो जाएंगे किसान
bank Rin Vasuli news बैतूल बेमौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि से कई किसानों की फसले तबाह हो गई। गत दिनों मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कुछ जिलों में पहुंचकर ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल का जायजा लिया। इस दौरान सीएम ने बैंकों को ऋण वसूली स्थगित करने के निर्देश दिए थे।सीएम की घोषणा के बाद भी बैंकों द्वारा ऋण वसूलने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऋण वसूली स्थगित करने के कोई आदेश नहीं है। ऋण वसूली की तिथि बढ़ाने के आदेश आए थे, न कि वसूली बंद करने के।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखाओं ने किसानों को बैंक ऋण दिया। अब बैंक ऋण वसूली कर रही है। बैंक को 2022-23 के लिए ऋण वसूली करने के लिए 8.50 करोड़ का टारगेट दिया गया। इस टारगेट के मुताबिक 3 करोड़ राशि वसूली की गई। अभी लगभग 35 से 40 हजार किसानों से 5.50 करोड़ की ऋण वसूली करना बाकी है। बैतूल में कई स्थानों पर पिछले दिनों ओलावृष्टि हुई। रविवार को भी आमला क्षेत्र में ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। सीएम ने पहली बार हुई ओलावृष्टि के समय ही घोषणा कर दी थी कि प्राकृतिक आपदा का शिकार हुए किसानों के साथ सरकार खड़ी है। किसानों से ऋण वसूली स्थगित करने की घोषणा की गई, लेकिन बैतूल में सीएम की घोषणा को कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। ऋण वसूली अभी भी जारी है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बैतूल के जीएम आलोक यादव ने बताया कि बैंक ऋण वसूली बंद करने के कोई आदेश नहीं है। मार्च माह के अंतिम तिथि तक ऋण चुकता करना था। इस तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया है। केवल ऋण वसूली की अंतिम तिथि बढ़ाने के आदेश आए है। अब 30 अप्रैल तक ऋण वसूली का काम किया जा रहा है।
समय पर ऋण नहीं दिया तो डिफाल्टर हो जाएंगे किसान(Farmers will become defaulters if loan is not given on time)
समय पर बैंक का ऋण नहीं दिया तो किसान डिफाल्टर की श्रेणी में आ जाएंगे। डिफाल्टर की श्रेणी में जाने पर किसान को आगामी दिनों खरीफ फसल की बोवनी के लिए न तो खाद मिलेगा और न ही बैंक से ऋण मिल पाएंगा। लगभग 35 से 40 हजार किसानों से अभी करोड़ों रूपए ऋण वसूलना बाकी है। उल्लेखनीय है कि बैंक द्वारा तय की गई तिथि तक ऋण नहीं दिया तो किसानों को डिफाल्टर घोषित कर दिया जाता और ऋण चुकता करने के लिए ब्याज देना पड़ता है। समय पर ऋण चुकता करने पर किसानों को बैंक जीरों प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देती है। किसानों को अभी ऋण चुकता करने का समय दिया है। इधर किसानों का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई है। ऐसे में बैंक का ऋण चुकाना मुश्किल हो गया है। फसल कटाई के समय हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है।
इनका कहना…
अभी किसानों से साढ़े पांच करोड़ रूपए का ऋण वसूल करना बाकी है। ऋण वसूली बंद करने के कोई आदेश नहीं है। ऋण वसूली की तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ाई है।
आलोक यादव, जीएम जिला सकहारी केन्द्रीय बैंक बैतूल



