Shardiya Navratri 2024: 03 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत, जाने मूर्ति और घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त

Shardiya Navratri 2024: Shardiya Navratri begins from October 03, know the auspicious time for idol and Ghat installation

Shardiya Navratri 2024:   माता रानी की आराधना का पर्व शारदेय नवरात्र की गुरुवार से शुरुआत हो रही है। इस बार माता रानी पालकी में सवार होकर आ रही है। शारदेय नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी हो गई है। पंडालों को आकर्षक विद्युत साज सज्जा से सजाया गया।
9 दिन तक समूचा जिला शक्ति आराधना में डूबा रहेगा। 3 अक्टूबर 2024 से शारदेय नवरात्र की शुरुआत हो रही है। नवरात्र को लेकर कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। बैतूल शहर में लगभग एक सैकड़ा से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। प्रतिमा स्थापना को लेकर पंडालों को सजाया गया है। घर-घर घट स्थापना की जाएगी।
इस बार प्रतिमा और घट स्थापना के लिए सुबह 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सबह 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त है, इसमें घट स्थापना और मूर्ति स्थापना की जा सकेगी। 
— दिनभर चला प्रतिमा ले जाने का सिलसिला
गुरुवार से नवरात्र की शुरुआत हो रही है। एक दिन पहले से ही प्रतिमाओं को ले जाने का सिलसिला शुरु हो गया। भक्त गाजे-बाजे के साथ प्रतिमाओं को स्थापना के लिए लेकर गए। प्रतिमा ले जाने को लेकर कोठी बाजार पेट्रोल पंप के पास काफी भीड़-भाड़ लगी रहीं। भीड़-भाड़ होने के कारण यातायात प्रभावित रहा। सुबह से लेकर शाम तक प्रतिमाओं को ले जाने का सिलसिला जारी रहा। प्रतिमा ले जाते समय भक्त माता रानी के जयकारे लगाते रहे। 
– बाजार में बनी रही चहल-पहल
नवरात्र प्रारंभ होने के एक दिन पूर्व से ही बाजार में चहल-पहल देखने को मिली। माता रानी के श्रृंगार की सामग्री, घट स्थापना के लिए सामग्री की जमकर खरीदारी हुई। शहर के कोठी बाजार और गंज क्षेत्र में सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ देखने को मिलीं। पंडालों को सजाने के लिए बाजार में सजावटी सामग्रियों की दुकानें पहले से ही सज गई थीं। इस बार पूरे नवरात्र में अच्छी खरीदारी होने की संभावना बनी हैं। 
– कई जगह बनीं आकर्षक झाकियां
नवरात्र को लेकर कई जगह आकर्षक झाकियां बनाई गई है। यह झाकियां आकर्षण का केन्द्र बनी रहेगी। आगामी 9 दिन तक माता रानी की भक्ति में समूचा जिला डूबा रहेगा। जहां भी सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमाओं की स्थापना हो रही है। इन स्थानों पर पंडालों को आकर्षक रूप से सजाया गया। विद्युत साज-सज्जा अच्छी होने से पंडाल आकर्षण का केन्द्र बने है। रास्ते में भी दूर-दूर तक लाइटिंग लगाई गई, ताकि आने – जाने वाले श्रद्धालु और आनंदित हो सकें।सकें।

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