Betul hadtal news: एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहे जिले के अधिकारी-कर्मचारी, विभागों में पसरा सन्नाटा

Betul hadtal news: Officers and employees of the district remained on one-day mass leave, silence prevailed in the departments

Betul hadtal news: बैतूल। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के बैनर तले 25 अगस्त को जिले के अधिकारी-कर्मचारी अपनी 39 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश लेकर एक दिवसीय आंदोलन किया गया। 

संयुक्त मोर्चा बैतूल के जिलाध्यक्ष अनिल कापसे, मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष कमलेश चौहान व सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि अधिकारी कर्मचारी अपनी 39 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर लम्बे समय से संघर्ष कर रहे हैं। अनेक बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद आज दिनांक तक मांगों को पूर्ण नहीं किया गया है। इसके विरोध में समस्त विभागों के अधिकारी व कर्मचारी बड़ी तादाद में 25 अगस्त को सामूहिक अवकाश पर रहे। 
 ये है सयुंक्त मोर्चा की प्रमुख मांगे–

मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष कमलेश चौहान ने बताया संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांगों में समस्त विभागों के लिपिक को मंत्रालय के समान समयमान दिया जाए, 1 जनवरी 2005 के पश्चात नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दी जाए, वर्ष 2016 से बंद पदोन्नति प्रारंभ की जाए, महंगाई भत्ते का एरियर की राशि देय तिथि में दिया जाए, सहायक ग्रेड 3 का पद नाम परिवर्तित किया जा कर सहायक ग्रेड तीन कम डाटा एंट्री ऑपरेटर करते हुए ग्रेड पे 2400 जाए, अधिकारी-कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मंत्री परिषद के आदेश 4 अप्रैल 2020 के संदर्भ में किया जाए, भ्रत्य का नाम परिवर्तित किया जा कर कार्यालय सहायक किया जाए, साथ ही ग्रेड पे 1300 से 1800 किया जाए, टैक्सी प्रथा बंद की जाकर विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए, अनुकंपा नियुक्ति सहायक ग्रेड 3 को निर्धारित समय अवधि सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाने के कारण सेवा समाप्त ना किया जाए, वाहन चालक का पद नाम परिवर्तित कर पायलट व्हीकल ऑपरेटर किया जाए, प्राथमिक शिक्षक-माध्यमिक शिक्षक- उच्च माध्यमिक शिक्षकों को प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ दिया जाए, वन विभाग के कर्मचारियों को बिना जांच के आपराधिक प्रकरणों में किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी न की जाए, पटवारी संवर्ग का ग्रेड पे 2800 किया

जाए, आरक्षक पुलिस का ग्रेड पे 1900 के स्थान पर 2400 किया जाए, सीधी भर्ती के पदों पर दिए जा रहे स्टाइपेंड और 70, 80 एवं 90 प्रतिशत के स्थान पर नियुक्ति दिनांक से संबंधित पद का वेतनमान दिया जाए, शेट्टी वेतन आयोग से उत्पन्न विभिन्न संवर्ग की वेतनमान और उन्नयन एवं विसंगतियों का निराकरण किया जाए, वर्क चार्ज के कर्माचारियों को सेवानिवृत्ति पर अवकाश नकदीकरण का लाभ प्रदान किए जाए, आयोग की अनुशंसा अनुसार सभी कर्मचारियों को एक हायर पे स्केल का लाभ प्रदान किया जाए,  दैनिक वेतन भोगी स्थाई कर्मी आउटसोर्स को नियमित किया जाए, अंशकालीन कर्मचारी-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका आशा कार्यकर्ता, उषा कार्यकर्ता एवं सहयोगी तथा कोटवार कर्मचारियों को नियमित किया जाए, ग्राम रोजगार सहायकों को सहायक सचिव के पद पर जिला संवर्ग घोषित करते हुए नियमितीकरण किया जाए।
कार्यालयों में पसरा रहा सन्नाटा–

संयुक्त मोर्चा में शामिल मध्य प्रदेश लिपिक वर्ग, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शंकरसिंह चौहान एवं प्रदेश के उपप्रान्तध्यक्ष कमलेश चौहान, तृतीय वर्ग एवं राजस्व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनीष उदासी, लघु वेतन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नारायण नागले तथा कर्मचारी कांग्रेस की अध्यक्ष सुश्री शकुंतला शर्मा, ए.व्ही.एफ.ओ.संघ अध्यक्ष

एम.एल.चिल्हाटे सहित मोर्चे के समस्त सहयोगी संगठनों के अध्यक्ष तथा पदाधिकारियों एवं समस्त विभागों के अधिकारी-कर्मचारी 25 अगस्त को सामूहिक रूप से एक दिवसीय अवकाश पर रहे जिससे कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारियों द्वारा रैली निकाल कर मुख्य मंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपकर समस्त अधिकारी व कर्मचारी को अवकाश पर रहने की अपील की। 
ये रहे मौजूद
मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष कमलेश चौहान ने बताया रैली एवं ज्ञापन देने के दौरान राजस्व विभाग वनविभाग स्वास्थ विभाग, जल विभाग, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, पीडब्लूडी विभाग, पी.एच.ई. विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, शिक्षा विभाग, कोषालय विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, आई.टी.आई.विभाग, डिप्लोमा इंजीनियर विभाग, सहित सभी विभागों के कर्मचारी/अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। 
ज्ञापन सौंपने वालों में नरेन्द्र खातरकर , राजेश सातनकर,रविन्द्र पाटिल,गोपाल झरबडे,दिलीप टेकाम, प्रहलाद धुर्वे, बलवंत अड़लक, ललित खडाग्रे, गणेश सोनी, राजकुमार उईके, आर.के. तिवारी, चिन्ध्या बर्ड़े, संजय दुबे, रामाजी गारवे, राधेलाल पंवार, आर.आर. सलाम, पवन सिंह बिसेन, रमेश बारस्कर, सुन्दर धुर्वे, अनिल चौंकीकर, नामदेव पोट़फोडे, डी.आर. पंवार, ललित सरावगीर, महेश जैन, दिलीप काले, पंकज परतेती, एन.आर. लोखंडे, आर.पी यादव, एस.के. पान्से, रामदास कुमरे, श्यामू धुर्वे, अशोक काले, ओ.पी. बारंगे, हेमन्त चौरसे, आर.के. खासदेव, रामदास नागले, संजय हुदार, रामभरोस मोहबे, विनोद भावसार, सुरेश सिंह, ए.के. देशमुख, चन्द्रशेखर सूर्यवंशी, श्रीमती नवनीता प्रधान, रमा नारनोरे, सुश्री सुभद्रा मिश्रा, गीता उईके, ललिता खासदेव, रजनी जैन, मनोरमा गायकवाड़, निर्मला विजयकर, वर्षा कमाविसदार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरूष कर्मचारी उपस्थित रहे।

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