Betul District Hospital : अब नही चलेगा झूठ,जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली जानकारी की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग , प्रतिदिन फीडबैक लेंगे नोडल अधिकारी
Betul District Hospital: No more room for falsehoods—information provided to pregnant women at the district hospital will now be video-recorded, and a nodal officer will collect daily feedback.
Betul District Hospital : बैतूल जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की मौत के मामलों में परिजनों की ओर से इलाज में लापरवाही और सही जानकारी नहीं देने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। अब गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को डॉक्टरों द्वारा दी जाने वाली प्रसव संबंधी जानकारी की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। इसके लिए महिला एवं शिशु चिकित्सा इकाई में अलग कक्ष बनाया जाएगा, जहां कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही भर्ती गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं से प्रतिदिन फीडबैक लेने के लिए एक डॉक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजीव शर्मा और सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे की पहल पर यह व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को इलाज की स्थिति, प्रसव की प्रक्रिया तथा जरूरत पडऩे पर सीजर ऑपरेशन के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच संवाद बेहतर होगा तथा इलाज को लेकर उत्पन्न होने वाली गलतफहमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।अलग कक्ष में होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
सीएमएचओ डॉ. संजीव शर्मा के अनुसार, जिला अस्पताल की महिला एवं शिशु चिकित्सा इकाई में एक अलग कक्ष बनाया जाएगा। यहां डॉक्टर गर्भवती महिला और उसके परिजनों को प्रसव तथा उपचार से जुड़ी आवश्यक जानकारी देंगे। इस दौरान होने वाली बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, ताकि दी गई जानकारी का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। अक्सर परिजन शिकायत करते हैं कि उन्हें गर्भवती महिला की गंभीर स्थिति, सीजर ऑपरेशन की आवश्यकता अथवा उपचार की प्रक्रिया के बारे में समय पर और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। ऐसी शिकायतों की स्थिति में रिकॉर्डिंग से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि मरीज और परिजनों को क्या जानकारी दी गई थी। इससे उपचार संबंधी संवाद में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतिदिन वार्ड में जाकर फीडबैक लेंगे नोडल अधिकारी
अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं की समस्याओं की जानकारी लेने के लिए डॉ. प्रांजल उपाध्याय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे प्रतिदिन अस्पताल पहुंचकर महिलाओं और उनके परिजनों से उपचार व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लेंगे। इस दौरान यह भी पूछा जाएगा कि इलाज के लिए किसी ने पैसे तो नहीं मांगे, डॉक्टरों या कर्मचारियों की ओर से किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई और उपचार के दौरान उन्हें किसी परेशानी का सामना तो नहीं करना पड़ा। परिजन अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे नोडल अधिकारी के सामने रख सकेंगे।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फीडबैक के दौरान सामने आने वाली शिकायतों की जांच की जाएगी। यदि किसी डॉक्टर या कर्मचारी की ओर से इलाज में लापरवाही अथवा अन्य अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था से अस्पताल में प्रसव सेवाओं की निगरानी मजबूत करने और मरीजों के प्रति जवाबदेही बढ़ाने की उम्मीद है।
सिविल सर्जन भी बार-बार कर रहे अनाउंस
सिविल सर्जन द्वारा भी महिला चिकित्सा इकाई में अधिकतर दिनों में पहुंचकर बार-बार अनाउंस कर रहे है कि सीजर ऑपरेशन के लिए कोई भी डॉक्टर या कर्मचारी राशि मांगते है तो उसकी शिकायत सिविल सर्जन कार्यालय या दूरभाष पर दें। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनाउंस में डॉ घोरे ने बताया कि जिला अस्पताल में उपचार और प्रसव के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। किसी के भी झांसे में आकर डिलेवरी के नाम पर राशि ना दे। डिलेवरी वार्ड के पास शिकायत के लिए सिविल सर्जन और आरएमओ के मोबाईल नंबर भी लिखे गए है, इस पर शिकायत कर सकते है।
इनका कहना
गर्भवती महिला और उनके परिजनों द्वारा डॉक्टरों पर सही जानकारी नहीं देने के गंभीर आरोप लगते आ रहे है। इसी समस्या को देखते हुए अस्पताल में गर्भवती महिला, परिजन और डॉक्टरों की उपचार संबंधित दी गई जानकारी की वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी। इसके लिए अलग से कक्ष तैयार किया जाएगा। गर्भवती महिलाओ से फीडबैक लेने के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है।
डॉ संजीव शर्मा, सीएमएचओ, बैतूल


