Betul Crime News : दो सूने मकानों को निशाना बनाकर सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
Betul Crime News: Three accused arrested for stealing gold and silver jewelry after targeting two unoccupied houses.
Betul Crime News : थाना सांईखेड़ा पुलिस ने दो अलग-अलग चोरी के मामलों का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 21 जुलाई 2026 को फरियादी संतराम पिता अमरू, निवासी ग्राम बोदलपठार ने थाना सांईखेड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 जुलाई 2026 को शाम करीब 4 बजे अज्ञात व्यक्ति उसके घर में घुसकर आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए हैं। रिपोर्ट पर थाना सांईखेड़ा में अपराध धारा 305(ए), 331(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।21 अगस्त 2026 को फरियादी नंदकिशोर पिता साहेबराव पवार, निवासी ग्राम नयेगांव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसी दिन शाम करीब 4:30 बजे अज्ञात आरोपियों ने उसके घर के दरवाजे का ताला तोड़कर प्रवेश किया तथा गोदरेज में रखे सोने-चांदी के जेवरात और 50,000 रुपये नकद चोरी कर लिए। रिपोर्ट पर थाना सांईखेड़ा में धारा 305(ए), 331(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
तकनीकी साक्ष्य एवं सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
दोनों घटनाओं की विवेचना के दौरान सांईखेड़ा पुलिस द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) एवं सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करते हुए आरोपियों की तलाश की गई। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्धों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने उक्त चोरी की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात तथा वारदात में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल क्रमांक MH40CZ9035 बरामद की। आरोपियों को 14 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय मुलताई के समक्ष पेश किया गया।
संगठित अपराध की धारा का इजाफा
प्रकरण में आरोपियों द्वारा संगठित रूप से अपराध करना तथा चोरी की मोटरसाइकिल का नंबर प्लेट बदलकर उपयोग करना पाए जाने पर धारा 111(4) बीएनएस एवं धारा 39/192 मोटर व्हीकल एक्ट का इजाफा किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी
1. पंकज पिता पप्पू कवड़े, उम्र 22 वर्ष, निवासी छात्रावास के सामने, हमलापुर, थाना गंज, जिला बैतूल।
2. हर्ष उर्फ हर्षवर्धन पिता राजेन्द्र धुर्वे, उम्र 22 वर्ष, निवासी चुन्नीढाना, राजेन्द्र वार्ड, बैतूल।
3. चमन उर्फ अमन पिता शंकर खंडाग्रे, उम्र 28 वर्ष, निवासी चुन्नीढाना, राजेन्द्र वार्ड, बैतूल।
बरामद संपत्ति
अपराध क्रमांक 103/2026 में
• चांदी की 02 जोड़ी पायल।
• सोने के 01 जोड़ी टॉप्स।
• बच्चे का चांदी का 01 जोड़ी चूड़ा।
• चांदी की 05 अंगूठियां।
• चांदी की 20 बिछिया।
अपराध क्रमांक 120/2026 में
• सोने के 02 मंगलसूत्र।
• सोने का 01 हार।
• सोने के 01 जोड़ी टॉप्स।
• सोने की 02 अंगूठियां।
• चांदी की 01 जोड़ी पायल।
▪️*अन्य बरामदगी
• वारदात में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल क्रमांक MH40CZ9035।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, *आरोपी चमन उर्फ अमन के विरुद्ध थाना गंज, कोतवाली एवं बोरदेही में चोरी, नकबजनी, मारपीट, गाली-गलौज, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न अपराधों के लगभग 23 प्रकरण पूर्व से दर्ज हैं।
आरोपी पंकज पिता पप्पू कवड़े के विरुद्ध थाना गंज, बैतूल में चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट, मारपीट एवं अन्य अपराधों के 08 प्रकरण दर्ज हैं। वहीं आरोपी *हर्ष उर्फ हर्षवर्धन पिता राजेन्द्र धुर्वे* के विरुद्ध भी थाना गंज में चोरी, नकबजनी सहित अन्य अपराधों के 05 प्रकरण दर्ज होना बताया गया है।
पुराने मामलों में सजा सुनिश्चित कराने पर पुलिस अधीक्षक का विशेष जोर
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आरोपी चमन उर्फ अमन के विरुद्ध लगभग 23 आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बावजूद पूर्व प्रकरणों में सजा सुनिश्चित नहीं हो पाने की स्थिति को गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित मामलों की विवेचना में कमियों को लेकर संबंधित विवेचकों से स्पष्टीकरण जारी करने की कार्रवाई की है। साथ ही, विवेचना में लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार उचित दंडात्मक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही पुलिस कार्रवाई का अंतिम उद्देश्य नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण विवेचना कर न्यायालय में अपराध सिद्ध कराने और दोषियों को दंडित कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए विवेचना की गुणवत्ता में सुधार, साक्ष्यों का प्रभावी संकलन और न्यायालयीन प्रक्रिया की सतत निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सराहनीय भूमिका
उक्त कार्रवाई में निरीक्षक अंजना पाटिल मालवीय, निरीक्षक भैयालाल उइके (थाना प्रभारी बोरदेही), निरीक्षक आबिद अंसारी अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ, प्रधान आरक्षक रामानंद धुर्वे, देवेन्द्र ठाकुर, विनय जैसवाल, बलवीर मर्सकोले, आरक्षक विनोद साहू, अमित टेकाम, बबलू धुर्वे, संतराम उइके, निलेश सोनी (थाना आमला), थाना गंज से प्रधान आरक्षक आशीष चौहान, आरक्षक अनिरुद्ध यादव, नरेन्द्र धुर्वे, नवीन रघुवंशी तथा थाना सारणी से आरक्षक राकेश करपे , विवेक गाडगे , पवन एनिया एवं रवि मोहन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



