Madhya Pradesh Weather Alert : एमपी के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जाने आगामी चार दिन तक कैसा रहेगा मौसम

Madhya Pradesh Weather Alert: Heavy rain alert in many districts of MP, know how the weather will be for the next four days

Madhya Pradesh Weather Alert :  मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है । कुछ जिलों में तेज तो कहीं रिमझिम बारिश हो रही है। आगामी चार दिन जिले में बारिश जारी रहने की संभावना है।  मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे के दौरान एमपी के बड़वानी, धार, गुना, अशोकनगर, दतिया, भिंड, सागर, छत्तरपुर, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, आगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, सतना, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा, भोपाल, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, अलीराजपुर, इंदौर, रतलाम, देवास, मंदसौर, नीमच, सिंगरोली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट में भारी वर्षा, झंझावत और वज्रपात, झोकेदार हवाएं 40-50 किमी/घंटा प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है।

8 जुलाई को इन जिलों में जारी किया बारिश का अलर्ट

गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सागर, टीकमगढ़, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, झाबुआ, धार, इंदोर, उज्जैन, आगर, मंदसौर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी, भोपाल, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, देवास, शाजापुर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर, पांडुर्णा। भारी वर्षा, झंझावत और वज्रपात, के साथ तेज हवाएं 40-50 किमी/घंटा चलने की संभावना है।

9 जुलाई को इन जिलों में होगी झमाझम बारिश

विदिशा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, भोपाल, रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, सिंगरोली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मेहर, पांढुर्णा में झंझावत और वज्रपात, झोंकेदार हवाएं 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है।

10 जुलाई को झनझावत के साथ इन जिलों में बारिश की चेतावनी

दतिया, भिंड, सतना, पन्ना छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवारा, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, मैहर, पांढुर्णा
मौसम का पूर्वानुमान (Weather Forecast & Warnings) दिनांक 11.07.2026 की प्रातः 8:30 से की प्रातः 8:30 तक वैध है।

11 जुलाई को इन जिलों में जमकर बरसेंगे बादल

सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, छिंदवाड़ा, बालाघाट, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़‌वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा में  बारिश के साथ झंझावत और वज्रपात, झोंकेदार हवाएं 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है।

अति भारी बारिश के संभावित दुष्प्रभाव

निचले इलाकों और सुरंगों में बाढ़ आना। खानों एवं खदानों में पानी भरना ।नदियों, झरनों एवं जलाशयों के जलस्तर में आकस्मिक वृद्धि । कच्चे, असुरक्षित तथा अस्थायी ढांचों को मध्यम क्षति । नगरपालिका सेवाओं (पानी, बिजली आदि) में स्थानीय और अल्पकालिक व्यवधान | बहुत भारी बारिश के दौरान जलमग्न तथा फिसलन भरी सड़क ओर खराब दृश्यता के कारण सड़क/रेल/जल परिवहन में मामूली/मध्यम व्यवधान हो सकता है।
बहुत पुरानी इमारतों और असुरक्षित संरचनाओं आदि के लिए खतरे की संभावना। जल अतिप्रवाह के कारण नालों और मौसमी वर्षा आधारित जलधाराओं पर निचले पुलों और सड़कों का आंशिक/अस्थायी रूप से बंद होना। वृक्षारोपण/बागवानी फसलों को मध्यम क्षति एवं कृषि को मामूली क्षति। जीवन, पशुधन और संपत्ति को नुकसान के कुछ मामल है।

दुष्प्रभाव से बचने के उपाय

1) निचले एवं बाढ़ग्रस्त इलाकों से दूर रहें।
2) आकस्मिक बाढ़ की संभावना वाले क्षेत्रों से दूर रहें और पेड़ों का आश्रय लेने से बचें। सुरक्षित/पक्के घरों के अंदर सुरक्षित आश्रय लें।
3) खतरे के निशान के आस-पास बह रही नदियों के आप्लावन मैदानों से दूर रहें।
4) अस्थायी और असुरक्षित संरचनाओं को ठीक से सुरक्षित किया जाना चाहिए या खाली कर दिया जाना चाहिए।
5) बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था बनाएं।
6) यातायात में अपेक्षित देरी के कारण पूर्व योजना बनाएं
7) नालों और मौसमी जलधाराओं से दूर रहें।
8) भारी बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कों एवं खराब दृश्यता की स्थिति में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
9) अतिप्रवाहित पुलों और जलमग्न सड़‌कों एवं सुरंगों से बचें (या पार करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें)।
10) जल परिवहन एवं खनन गतिविधियों का विवेकपूर्ण विनियमन
11) झरनों एवं जलाशयों के पास जाने से बचें।

कृषकों के लिए विशेष सलाह –

वर्षा के दौरान सिंचाई, उर्वरक प्रयोग तथा पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचें।
खेतों में उचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव एवं जड़ों को होने वाली क्षति से बचाव हो सके।
तेज़ हवाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सब्जी फसलों, बेलदार पौधों तथा युवा फलदार पौधों को सहारा (स्टेकिंग) प्रदान करें।
कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक तथा कृषि यंत्रों को जलरोधक तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें। पॉलीहाउस, नेट हाउस, शेड नेट तथा अन्य संरक्षित खेती की संरचनाओं को तेज़ हवाओं से सुरक्षित रखें।
यदि आंधी-तूफान या वर्षा की संभावना हो, तो कटाई, मड़ाई एवं सुखाने संबंधी कार्यों को स्थगित करें। सूखे चारे को एकत्रित कर सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें, ताकि वर्षा से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
पशुओं को हवादार एवं सुरक्षित आश्रयों में रखें तथा आंधी-तूफान एवं बिजली गिरने के दौरान चराई से बचाएं।
पशुओं के लिए स्वच्छ पेयजल एवं पर्याप्त चारे की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करें।
बागानों में, जहाँ संभव हो, कमजोर या रोगग्रस्त शाखाओं की छंटाई करें, ताकि तेज हवाओं के दौरान उनके टूटने का जोखिम कम हो सके।
बिजली चमकने की स्थिति में खुले खेतों में कार्य न करें तथा तुरंत किसी सुरक्षित आश्रय में चले जाएँ।
वर्षा या ओलावृष्टि के बाद फसलों का निरीक्षण करें तथा भौतिक क्षति का आकलन कर आवश्यकता अनुसार पौध संरक्षण उपाय अपनाएँ, ताकि द्वितीयक कीट एवं रोगों के प्रकोप को रोका जा सके।
 मौसम की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से प्राप्त करते रहें तथा नवीनतम मौसम परामर्श के अनुसार सभी कृषि कार्यों की योजना बनाएं।

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