Betul News : तेज आंधी का कहर, टूटे बिजली तार, बिजली कंपनी को मिली हजारों शिकायतें

Betul News : बैतूल शनिवार शाम जिले में अचानक मौसम ने विकराल रूप ले लिया, जब तेज धूलभरी आंधी ने करीब एक घंटे तक जमकर कहर बरपाया। इस आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया और देखते ही देखते सप्लाई ठप हो गई। कई क्षेत्रों में तार टूटकर सड़क पर गिर पड़े, जबकि अनेक स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा।
आंधी शुरू होते ही पूरा शहर अंधेरे में डूब गया और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बिजली बंद होने के बाद लोगों ने बिजली कंपनी के हेल्पलाइन और अधिकारियों को फोन करना शुरू कर दिया। कुछ ही घंटों में शिकायतों की बाढ़ आ गई और स्थिति गंभीर हो गई। जानकारी के अनुसार कोठीबाजार जोन क्षेत्र में करीब  3000 शिकायत  और गंज जोन क्षेत्र में लगभग  600 से 700 शिकायतें दर्ज की गईं। इस तरह कुल मिलाकर  3500 से अधिक शिकायतों  ने बिजली विभाग की व्यवस्था की पोल खोल दी। कई जगहों पर 25 से 30 स्थानों पर तार टूटने की पुष्टि भी हुई है। शिकायतों के दबाव के बाद बिजली कंपनी की टीमें तुरंत फील्ड में उतरीं और मरम्मत कार्य शुरू किया गया। जगह-जगह खंभे सुधारने, टूटे तार जोड़ने और गिरे हुए पेड़ हटाने में कर्मचारियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। रातभर टीमें लगातार काम में जुटी रहीं। 
आंधी रात में हुई बिजली सप्लाई 
कुछ इलाकों में रात करीब 10 बजे बिजली बहाल हो सकी, जबकि कई क्षेत्रों में 11 से 12 बजे के बाद सप्लाई शुरू हुई। हालांकि शहर के कुछ हिस्सों में पूरी रात अंधेरा बना रहा और बिजली की आंखमिचौली सुबह तक जारी रही। बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में पंखे और कूलर बंद हो गए, जिससे उमस और गर्मी ने लोगों की नींद हराम कर दी। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की आंधी या बारिश में भी बिजली व्यवस्था बार-बार ठप हो जाती है, जिससे विभाग की मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। वहीं बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि आंधी की तीव्रता अधिक होने के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और सुधार कार्य तेजी से जारी है। अधिकारियों के अनुसार अभी भी कई शिकायतें पेंडिंग हैं, जिनका निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। लगातार प्रयासों के बाद धीरे-धीरे बिजली व्यवस्था को सामान्य करने का काम जारी है।

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