MP News: सरकारी कर्मचारियों के लिए बुरी खबर, हर महीने वेतन से 6050 रुपए तक की कटौती

MP News: मध्य प्रदेश के 7.50 लाख सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को सरकार ने DA यानी कि महंगाई भत्ते की सौगात दी है। इसके बाद उनकी सैलरी में इजाफा हो गया, साथ ही रुका हुआ एरियर भी इन कर्मचारियों को दिया जा रहा हैं।
लेकिन उनके समान ही काम करने वाले संविदा कर्मचारियों के वेतन पर डाका डाला जा रहा है। महंगाई भत्ता बढ़ाने के बाद भी उनके वेतन वृद्धि में एक बड़ी समस्या पैदा हो गई है।
Also Read:MP LPG Gas Pipeline: सबसे बड़ी 2 हजार 805 किमी की गैस पाइपलाइन से जुड़े मध्य प्रदेश के 3 बड़े शहर
दरअसल, पिछले साल जुलाई में मप्र में संविदा नीति लागू की गई थी। इस नीति के अनुसार संविदा कर्मचारियों के वेतन से हर महीने लगभग 2150 रुपए से लेकर 6050 रुपए तक कटौती होगी। इसका बड़ा कारण संविदा नीति में सीपीआई इंडेक्स का महंगाई भत्ते से जुड़ना है।
बता दें कि मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान ने 4 जुलाई को विधानसभा चुनाव के पहले संविदा कर्मचारियों की महापंचायत बुलाई थी। इसमें लगभग 30 हजार संविदा कर्मचारी शामिल हुए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उस समय 9 घोषणा की थी। इसमें संविदा कर्मचारियों को सरकारी अधिकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन देने की घोषणा भी शामिल थी, लेकिन 22 जुलाई 2023 को जब इसके आदेश जारी हुए तो DA की जगह की इंडेक्स के आधार पर वेतन दिए जाने का प्रावधान शुरू किया गया। इसके कारण संविदा कर्मचारियों की वेतन वृद्धि नहीं हो पाई। उन्हें हर महीने 2150 से ले लेकर 6050 रुपए तक नुकसान हो रहा है।
संविधान नीति के कारण कोई फायदा नहीं ( MP News )
पूर्व से ही संविदा कर्मचारियों की मांग रही है कि उन्हें उनके समान कार्य करने वाले सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के तरह वेतन दिया जाएं। सरकार ने योजना बनाकर वेतन समान तो किया लेकिन DA की जगह CPI इंडेक्स लागू कर दिया। इसके कारण इन कर्मचारियों को हर महीने नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार भी नहीं हुआ। संविदा अधिकारी कर्मचारी महासंघ का कहना है कि सरकार ने योजना बंद तरीके से उन्हें जाल में फसाया है। यदि सरकार मांगों पर विचार नहीं करती है तो उनके खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।



