Betul News : ट्रेन में शुरू हुई तेज़ प्रसव पीड़ा, बैतूल जिला अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ की तत्परता से महिला का सुरक्षित प्रसव, जच्चा- बच्चा स्वस्थ
Betul News: A woman went into active labor while on a train; thanks to the prompt response of doctors and staff at Betul District Hospital, she delivered safely, and both mother and baby are healthy.
समय पर लिया गया ऑपरेशन का निर्णय, डॉक्टरों और स्टाफ की मुस्तैदी से बची मां-बच्चे की जान
Betul News : आगरा से छत्तीसगढ़ जा रही गोंडवाना एक्सप्रेस में सफर कर रही 24 वर्षीय गर्भवती पूजा के लिए अचानक मुश्किल की घड़ी आ गई। आमला के पास ट्रेन में उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अनजान स्थान होने के कारण पति संदीप के साथ उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने मानवता दिखाते हुए उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) आमला पहुंचाया।
आमला में प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने महिला की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल जिला अस्पताल बैतूल रेफर किया। महिला दोपहर करीब 1:50 बजे जिला अस्पताल पहुंची। यहां चिकित्सकों और स्टाफ ने बिना समय गंवाए जांच और उपचार की प्रक्रिया शुरू की। रक्त एवं यूरिन के सैंपल जांच के लिए भेजे गए और महिला की स्थिति को देखते हुए तत्काल एलएससीएस (सीजेरियन ऑपरेशन) का निर्णय लिया गया।
महिला को तुरंत ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया और एनेस्थीसिया टीम को सूचना दी गई। चिकित्सकों के अनुसार महिला की यह दूसरी गर्भावस्था थी। इससे पहले उसके पहले बच्चे की मेकोनियम एस्पिरेशन के कारण एलएससीएस के एक दिन बाद मृत्यु हो गई थी। इस बार चिकित्सकों ने समय रहते स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ऑपरेशन किया।
सफल ऑपरेशन के बाद मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। नवजात को चिकित्सकीय निगरानी के लिए एसएनसीयू में भर्ती किया गया है।
इस पूरे मामले में जिला अस्पताल की टीम की तत्परता और आपसी समन्वय महत्वपूर्ण रहा। डॉ. घोरे ने लगातार हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने में सहयोग किया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रामलखन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. आर. वर्मा सहित ऑपरेशन थिएटर और एसएनसीयू स्टाफ ने भी पूरी तत्परता से अपनी जिम्मेदारी निभाई।
मुश्किल परिस्थिति में समय पर उपचार, चिकित्सकों का सही निर्णय और स्वास्थ्यकर्मियों की मुस्तैदी से मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। यह घटना जिला अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और टीमवर्क की सकारात्मक तस्वीर पेश करती है।



