Aeroplane servicing charge: कैसे और कब होती हैं हवाई जहाज के सर्विसिंग, कितना आता है खर्च? जानकर उड़ जाएंगे आपके होश

Aeroplane servicing charge: दुनिया में लोग अपने सहूलियत के हिसाब से गाड़ी खरीदते हैं। समय-समय पर सभी गाड़ियों की सर्विस करानी पड़ती है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हवाई जहाज की सर्विसिंग कैसे कराई जाती है और इसमें कितना खर्च आता है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि हवाई जहाज की सर्विसिंग में कितना खर्च आता है जिसे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे। हवाई जहाज की सर्विसिंग कराना हर किसी के बस की बात नहीं है।
कहां होता है हवाई जहाज का सर्विसिंग? (Aeroplane servicing charge)

हवाई जहाज का सर्विसिंग एयरलाइन के मेंटेनेंस हैंगर पर किया जाता है। आपको बता दे की एयरपोर्ट्स पर एयरलाइन हैंगर बने होते हैं जो की जहाज के नियमित जांच और रिपेयरिंग के लिए बनाए गए होते हैं और इसके अलावा MRO फैसिलिटी भी हवाई जहाज की सर्विसिंग के लिए होती है और यह स्पेशल मेंटेनेंस सेंटर होते हैं जहां एयरक्राफ्ट की दीप इंस्पेक्शन और रिपेयर किए जाते हैं। भारत में सर्विसिंग सेंटर मुंबई नागपुर बेंगलुरु और हैदराबाद में है। यहां गाड़ियों की चेकिंग होती है।
कितना आता है खर्च

सर्विसिंग का खर्च जहाज के साइज, फ्लाइट ऑवर और सर्विस टाइप पर निर्भर करता है। एयरोप्लेन की सर्विस में A Check, C Check और D Check होते हैं जो एक वक्त के अंतराल में किए जाते हैं। A Check से पहले एक छोटी जांच भी की जाती है जिसका खर्च 5 से 10 लाख रुपये प्रति उड़ान आता है।
इसके अलावा A Check हर 500 से 800 घंटे के बीच होता है जिसमें 20 से 50 लाख रुपये तक का खर्च आता है। इसके अलावा C Check विमान के हर 18 से 24 महीने में किया जाता है जिस पर 2 से 5 करोड़ रुपये का खर्च आता है। वहीं अगर बात की जाए D check की तो यह 6 से 10 साल में होता है जिसमें पूरा जहाज खोलना पड़ता है। इसमें 15 से 50 करोड़ रुपये तक का खर्च आ सकता है।
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