Betul Forest crime News: वन विभाग की टीम पर पथराव करने वाले 11 आरोपियों ने किया सरेंडर

Betul Forest crime News: बैतूल वन विभाग और सागवान तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ के 24 घंटे बाद अन्य 11 आरोपियों ने वन विभाग के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। वनमंडलाधिकारी दक्षिण बैतूल (सा.) वनमंडल बैतूल विजयानन्थम टी.आर. ने बताया कि 12 अप्रैल की दरम्यानी रात को उपवनमंडलाधिकारी एवं परिक्षेत्र अधिकारी की दो अलग-अलग टीम बनाकर ढोमकुंड के जंगल में रात्रि गश्ती के लिए भेजी गई थी। सागौन तस्करों को पकड़ने के दौरान 10-12 अपराधियों से मुठभेड में पत्थर बाजी की गई थी। मुठभेड़ में परिक्षेत्र सहायक साकली यदुनन्दन यादव गंभीर रूप से घायल हो गये, जिनका नागपुर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना के दौरान दल ने 1 आरोपी को दौड़कर पकड़ लिया था। घटना स्थल पर सर्चिंग के दौरान 19 नग सागौन चरपट 0.448 घ.मी. वनोपज को जब्त किया गया। पकड़े गये आरोपी से पूछताछ करने पर आरोपी ने 11 अन्य आरोपियों के नाम बताये गये जो कि सकिन पाटाखेडा (साकली) पोस्ट खोमई तह.भैसदेही के है। वनमंडलाधिकारी दक्षिण बैतूल (सा.) वनमंडल बैतूल विजयानन्थम टी.आर. घायल परिक्षेत्र सहायक यदुनन्दन यादव से मिलने नागपुर अस्पात पहुंचे एवं स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अवगत करवाया कि सभी अपराधियों को हिरासत में ले लिया गया है। विभाग द्वारा घायल वन कर्मी को उपचार में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस पूरी कार्रवाई में उपवनमंडलाधिकारी, भैंसदेही आशीष बनसोड़, परिक्षेत्र अधिकारी सावलमेंढा मानसिंग परते की सुझबुझ से स्थानीय पुलिस एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मात्र 24 घंटे के भीतर ही अन्य 11 आरोपियों को वन अमले द्वारा हिरासत में ले लिया गया है। आरोपियों को अपनी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।
इन आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण (These accused surrendered)
आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों में नंदलाल गोंड 39 वर्ष, विजय पिता जीतू गोंड 29 वर्ष, संतोष मर्सकोले 32, राजेश पिता मन्नु उईके 33, फंगु पिता मंसु गोंड 38 साल, सोहन फुल्या रेस कवडे, सुरदास पिता भूता जाति गोंड उम्र 38, रंजीत मोहनलाल उईके 31 वर्ष, रामदास पिता धनसु गोंड 29 वर्ष, बिसन वरकडे 27 वर्ष, हम्मर पिता सोमजी मर्सकोले निवासी पाटाखेड़ा (साकली) पोस्ट खोमई भैसदेही को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आगे की कार्यवाही के लिए प्रकरण माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button